प्यार में धोखा मिला तो सीधे पहुंच गया थाने... और एक झटके में रद्द हो गई पूरी भर्ती परीक्षा!

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) में ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा को पेपर लीक के चलते रद्द कर दिया है। जानिए कैसे एक ब्रेकअप ने खोली इस बड़े घोटाले की पोल और कैसे 5 लाख में बिका था पेपर।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
September 4, 2026 • 11:28 AM  483
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प्यार में धोखा मिला तो सीधे पहुंच गया थाने... और एक झटके में रद्द हो गई पूरी भर्ती परीक्षा!
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प्यार में धोखा मिला तो सीधे पहुंच गया थाने... और एक झटके में रद्द हो गई पूरी भर्ती परीक्षा!

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप बी) पद के लिए होने वाली भर्ती को रद्द कर दिया है। इस रद्दीकरण के पीछे एक बड़े पेपर लीक मामले का सामने आना है। दिलचस्प बात यह है कि इस घोटाले का खुलासा किसी जांच एजेंसी ने नहीं, बल्कि एक महिला उम्मीदवार के नाराज पूर्व प्रेमी (एक्स-बॉयफ्रेंड) ने किया है।

ब्रेकअप ने खोला MPSC पेपर लीक का राज

मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजतिलक रोशन के अनुसार, पुलिस ने पेपर लीक मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी गौरव राजेंद्र पाटिल है।

पुलिस जांच में पता चला है कि ऋतुजा पाटिल नाम की एक महिला उम्मीदवार का गौरव के साथ अफेयर था। ऋतुजा को परीक्षा से पहले ही पेपर मिल गया था और उसने इसे अपने प्रेमी गौरव के साथ शेयर किया था। बाद में दोनों का चयन भी हो गया। हालांकि, कुछ समय बाद उनका ब्रेकअप हो गया। इस ब्रेकअप से नाराज होकर गौरव ने बदला लेने की ठानी और आयोग (MPSC) को पेपर लीक की जानकारी दे दी।

5 लाख रुपये में बेचा गया था पेपर

गौरव की सूचना के आधार पर, आयोग ने मुंबई पुलिस से संपर्क किया, जिसने फिर मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए:

  • कोचिंग सेंटर की भूमिका: ऋतुजा के पिता ने पेपर पाने के लिए नंदुरबार के एक कोचिंग सेंटर संचालक प्रवीण पाटिल (बिचौलिए) को 5 लाख रुपये एडवांस दिए थे।

  • ऋतुजा प्रवीण के कोचिंग संस्थान में पढ़ती थी और एक 'सेट-अप' के जरिए उसे स्क्रीनिंग टेस्ट से पहले ही असली प्रश्न पत्र मिल गया था।

शक से बचने के लिए जानबूझकर छोड़े सवाल

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा खत्म होने के बाद ऋतुजा ने कोचिंग सेंटर को फोन किया था। उसने बताया कि लीक हुए पेपर के 90 सवाल परीक्षा में बिल्कुल वैसे ही आए थे। हालांकि, किसी को शक न हो, इसलिए उसने बड़ी चालाकी से केवल 78 सवालों के ही सही जवाब दिए।

जनप्रतिनिधियों ने भी शिकायतें दर्ज कराई थीं

इस भर्ती परीक्षा के शुरू होने से लेकर रद्द होने तक का सफर इस प्रकार है:

  • परीक्षा की तारीख: 22 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के 6 संभागीय मुख्यालयों में स्क्रीनिंग टेस्ट (छंटनी परीक्षा) आयोजित किया गया था।

  • परिणाम: 12 जून को परिणाम घोषित किए गए थे, जिसमें 506 उम्मीदवारों ने साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए क्वालीफाई किया था।

  • इंटरव्यू: 1 जुलाई से 22 जुलाई के बीच 488 उम्मीदवारों के इंटरव्यू आयोजित किए गए।

  • मेरिट लिस्ट: इंटरव्यू के बाद आयोग ने प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी कर दी थी।

इस परीक्षा को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी शिकायतें दर्ज कराई थीं। उनका आरोप था कि 22 मार्च को होने वाली परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया था। अब, पुलिस की प्रारंभिक जांच में पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद, MPSC ने इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है।

yashaswani

yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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