18 की मौत, 45 से ज्यादा घायल; पीएम ने किया मुआवजे का ऐलान
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम बारिश के दौरान मची भगदड़ में 18 लोगों की जान चली गई और 45 से अधिक घायल हो गए। हादसे के बाद पुलिस ने आयोजकों को हिरासत में ले लिया है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है।



शनिवार शाम कोलकाता के नॉर्थ इलाके में स्थित ऐतिहासिक चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश से बचने के लिए पंडाल में अचानक घुसी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 13 महिलाएं, 3 पुरुष और 2 बच्चे शामिल हैं। हालांकि, कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के हवाले से 20 लोगों की मौत का दावा भी किया जा रहा है। इस त्रासदी में 45 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
कैसे हुआ हादसा और क्या थी वजह?
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक एक साथ पंडाल के अंदर प्रवेश करने की कोशिश करने लगे।
भीड़ का अत्यधिक दबाव: आयोजकों के अनुसार, एक बार में सीमित संख्या में लोगों को प्रवेश देने की व्यवस्था थी। भीड़ का दबाव अचानक बढ़ने से पंडाल का एक हिस्सा गिर गया।

सीटी की आवाज से दहशत: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल में पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद बताया कि वहां मौजूद निजी सुरक्षाकर्मियों द्वारा सीटी बजाए जाने से लोग घबराकर भागने लगे, जिससे भीड़ में कुचलने जैसी स्थिति बन गई।
प्रबंधन की चूक: स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रवेश और निकास द्वार को लेकर कोई स्पष्ट घोषणाएं या निर्देश नहीं दिए गए। पर्याप्त पुलिस बल केवल वीआईपी गेट पर तैनात था, जबकि आम जनता वाले हिस्से में सुरक्षा नदारद थी।
'बियॉन्ड साउंड' थीम और हाई-प्रोफाइल वीआईपी कनेक्शन
इस साल चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के 91 वर्ष पूरे हुए थे। इस बार पंडाल की थीम ‘बियॉन्ड साउंड’ (रोजमर्रा के शोर से दूर मौन के जरिए शांति) रखी गई थी। कलाकार सुशांत शिबानी पॉल द्वारा तैयार किए गए इस 360-डिग्री कॉन्सेप्ट का उद्देश्य आध्यात्मिक अनुभव देना था, लेकिन इसी पंडाल में मचे शोर और अफरा-तफरी ने कई जानें ले लीं।
यह आयोजन राजनीतिक रूप से काफी हाई-प्रोफाइल था।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भतीजे देवदीप अधिकारी इस पूजा से जुड़े हुए हैं।
जोड़ासांको से विधायक विजय ओझा इस पूजा समिति के अध्यक्ष हैं।
उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष तमोघ्न घोष भी आयोजन से जुड़े हैं।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए चोरबागान पूजा पंडाल के जनरल सेक्रेटरी जयंत बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
सरकार का एक्शन और हेल्पलाइन नंबर
घटना के तुरंत बाद पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और दर्शन रोक दिए गए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने तत्काल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने क्लब के पदाधिकारियों, निजी सुरक्षाकर्मियों और ड्यूटी पर तैनात लोगों को हिरासत में ले लिया है।
बंगाल सरकार ने प्रभावित परिवारों और उनके परिजनों की मदद के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है।
राष्ट्रपति, पीएम और विपक्षी नेताओं ने जताया शोक
प्रधानमंत्री कार्यालय: पीएम मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: "कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में लोगों की मौत की खबर अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।"
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी: "मैं रात 9 बजे से मेडिकल कॉलेज में हूं। पूरी टीम काम कर रही है। घायलों का इलाज चल रहा है। यह बेहद दर्दनाक घटना है और मेरे पास शब्द नहीं हैं।"
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी: "चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ के बारे में जानकर गहरा सदमा लगा। मैं मां दुर्गा से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।"
विपक्ष की प्रतिक्रिया: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। अभिषेक बनर्जी ने भी इस त्रासदी पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।












































