"तबीयत खराब है... नहीं अब ठीक है"24 घंटे में दो फोन कॉल और फिर शादी के 3 साल बाद 22 साल की विवाहिता की लाश
राजस्थान के बाड़मेर (बायतु) में शादी के 3 साल बाद 22 वर्षीय दिव्या सुथार की संदिग्ध मौत। पीहर पक्ष ने लगाया जहर देकर मारने का आरोप, पुलिस करा रही मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम।



राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतु थाना इलाके में मामला सामने आया है। यहां शादी के महज तीन साल बाद 22 साल की एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। घटना के बाद पीहर और ससुराल पक्ष के बीच दावों को लेकर भारी टकराव देखने को मिल रहा है। जहां मायके वालों ने ससुरालियों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और जहरीला पदार्थ देकर हत्या करने का संगीन आरोप लगाया है, वहीं ससुराल पक्ष इसे बीमारी (मिर्गी का दौरा) के चलते हुई मौत बता रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें
मामला बायतु थाना क्षेत्र के माडपुरा पुराना गांव का है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राणाराम की 22 वर्षीय पत्नी दिव्या सुथार की सोमवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। ससुराल के लोग उसे निजी वाहन से बाड़मेर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर बायतु पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया।
चाचा का आरोप: 'दहेज के लिए लगातार दबाव, पंचायत के बाद भी नहीं माने'
घटना की सूचना मिलते ही पीहर पक्ष के लोग भी अस्पताल की मॉर्च्युरी पहुंच गए। मृतका के चाचा नरपतराम ने ससुरालियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शादी के कुछ समय बाद से ही दिव्या को लगातार दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। करीब एक साल पहले जब पीड़िता ने अपने परिजनों को इस प्रताड़ना की जानकारी दी थी, तो दोनों पक्षों के बीच सामाजिक स्तर पर पंच-पंचायत भी बैठाई गई थी। समझाइश के बावजूद ससुराल वालों के रवैये में कोई सुधार नहीं आया।
चाचा ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि रविवार (11 अक्टूबर) की रात ससुराल से फोन आया था कि दिव्या की तबीयत खराब है और उसे अस्पताल ले जा रहे हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद दोबारा फोन कर कह दिया गया कि वह अब ठीक है। इसके बाद सोमवार दोपहर करीब 12 बजे फिर से फोन आया। जब पीहर पक्ष ने दबाव बनाया, तब जाकर उसे अस्पताल के लिए रवाना किया गया। परिजनों का यह भी कहना है कि जिस टैक्सी में उसे लाया गया, उसके चालक के अनुसार दिव्या की मौत रास्ते में ही हो चुकी थी। मायके पक्ष ने सीधा आरोप लगाया है कि उसे जहर देकर मारा गया है।
ससुराल पक्ष की दलील: अचानक मिर्गी का दौरा पड़ा
वहीं दूसरी ओर, ससुराल पक्ष इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। उनका कहना है कि दोपहर करीब 3 बजे दिव्या को अचानक मिर्गी का दौरा आया था, जिसके चलते उसकी हालत बिगड़ी। वे उसे बचाने के लिए तुरंत बाड़मेर अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत बता दिया। घटना के समय मृतका के पिता मौजूद नहीं थे, जो वर्तमान में गोवा में रहकर फर्नीचर का काम करते हैं।
मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, रिपोर्ट के आधार पर होगी अगली कार्रवाई
बायतु थाने के एएसआई राजकुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को बाड़मेर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। एएसआई के मुताबिक, ससुराल पक्ष मिर्गी आने की बात कह रहा है, जबकि पीहर पक्ष ने जहर देकर मारने और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पर्दाफाश हो सकेगा। परिजनों की ओर से औपचारिक लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले में नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।













































