जोधपुर में प्रसूता की मौत: डिलीवरी के बाद नहीं रुका खून, एनीमिया से किडनी डैमेज; 25 दिन वेंटिलेटर पर चली जंग
जोधपुर में नॉर्मल डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव और एनीमिया के कारण एक प्रसूता की मौत हो गई। महिला ने 24 जून को बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन खून नहीं रुकने से उसकी किडनी डैमेज हो गई और 25 दिन तक वेंटिलेटर पर इलाज चलता रहा। डॉक्टरों ने कई यूनिट ब्लड, प्लाज्मा और अन्य रक्त उत्पाद चढ़ाए, लेकिन रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। पिछले एक महीने में जोधपुर में 16 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आए हैं।
जोधपुर: राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के मामलों में एक और दुखद घटना सामने आई है। कोटा, बीकानेर और बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी एक प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला ने 24 जून को तिंवरी अस्पताल में सामान्य (नॉर्मल) डिलीवरी के दौरान एक बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (पोस्टपार्टम हेमरेज) होने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। करीब 25 दिन तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझने के बाद रविवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।
डिलीवरी के बाद महिला का खून रुक नहीं रहा था। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल जोधपुर के उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया। जब तक वह अस्पताल पहुंची, तब तक काफी मात्रा में खून बह चुका था। डॉक्टरों ने रक्तस्राव रोकने के लिए उसकी बच्चेदानी (यूटरस) निकालनी पड़ी। इलाज के दौरान उसे लगातार ब्लड, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स चढ़ाए गए, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और खून की कमी के कारण उसकी किडनी प्रभावित हो गई।
महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह ने बताया कि महिला की हालत में सुधार नहीं होने पर उसे 27 जून को महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया था। यहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और लगातार डायलिसिस किया गया। 14 जुलाई के बाद उसकी तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। उसे उल्टियां आने लगीं और शरीर के कई अंगों ने ठीक से काम करना बंद कर दिया। रविवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।