सोने (Gold) के भाव भी गिरे: 24 कैरेट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 1,60,620 रुपये से लुढ़ककर 1,59,578 रुपये पर आ गई है। यानी प्रति 10 ग्राम सोने पर ग्राहकों को 1,042 रुपये का सीधा फायदा हो रहा है।
अलग-अलग शहरों में क्यों बदलते हैं सोने के दाम?
अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि हर शहर में सोने की कीमत अलग क्यों होती है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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परिवहन और सुरक्षा: एक शहर से दूसरे शहर तक सोना ले जाने में ईंधन और कड़ी सुरक्षा का खर्च जुड़ता है। दूरी जितनी ज्यादा होगी, दाम भी उसी अनुपात में बढ़ते हैं।
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स्थानीय मांग और सप्लाई: दक्षिण भारत में सोने की खपत सबसे ज्यादा (करीब 40%) है। वहां ज्वेलर्स थोक में बड़ी खरीदारी करते हैं, लेकिन छूट का फायदा ग्राहकों तक सीमित ही पहुंच पाता है।
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ज्वेलर्स एसोसिएशन का फैसला: हर राज्य और शहर के स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन वहां की मांग और सप्लाई के आधार पर सोने के रेट तय करते हैं। इसके अलावा, ज्वेलर का अपना खरीद मूल्य भी यह तय करता है कि वह ग्राहकों को किस रेट पर सोना बेचेगा।
इस साल कैसा रहा सोने-चांदी का हाल? (2025 - 2026)
इस साल सोने और चांदी के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
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सोने का रिकॉर्ड: 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपये थे, जो 29 जनवरी 2026 को रॉकेट की तरह बढ़कर 1.76 लाख रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई (All-Time High) पर पहुंच गए थे। हालांकि, उस उच्चतम स्तर से सोना अब तक 16,543 रुपये सस्ता हो चुका है।
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चांदी का सफर: 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी। 29 जनवरी को यह 3.86 लाख रुपये के उच्चतम स्तर पर जा पहुंची थी। अपने ऑल-टाइम हाई से चांदी अब तक करीब 1.42 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है।
क्या है गोल्ड और सिल्वर ETF? कैसे करें निवेश?
अगर आप घर में सोना-चांदी रखने के झंझट से बचना चाहते हैं, तो एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) एक बेहतरीन विकल्प है।
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डिजिटल निवेश: गोल्ड या सिल्वर ETF पूरी तरह से बाजार भाव पर आधारित होते हैं। इन्हें शेयर बाजार (BSE और NSE) पर किसी भी आम शेयर की तरह खरीदा और बेचा जा सकता है।
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न्यूनतम निवेश: इसमें आपको भौतिक (Physical) रूप से सोना या चांदी नहीं मिलता, लेकिन आप महज 500 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं।
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प्रक्रिया: इसके लिए ब्रोकर के जरिए एक डीमैट अकाउंट (Demat Account) खोलना होता है। जब आप ETF यूनिट खरीदते हैं, तो पैसे आपके बैंक खाते से कट जाते हैं और 2 दिन (T+2) के भीतर यूनिट्स आपके डीमैट खाते में डिपॉजिट हो जाती हैं। मुनाफा होने पर आप इसे ट्रेडिंग खाते से बेचकर वर्तमान मूल्य के बराबर पैसा सीधे बैंक में पा सकते हैं।
सोना-चांदी खरीदते समय इन बातों का रखें खास ध्यान
बाजार में धोखाधड़ी से बचने के लिए कुछ आसान टिप्स को अपनाना बेहद जरूरी है:
सोने (Gold) के लिए टिप्स:
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हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदें।
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गहने पर मौजूद 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID कोड (जैसे- AZ4524) जरूर चेक करें। यह कोड सोने की शुद्धता (कैरेट) की गारंटी होता है।
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24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के रेट अलग-अलग होते हैं। खरीदारी से पहले IBJA की वेबसाइट या अन्य भरोसेमंद सोर्स से उस दिन के सही भाव क्रॉस-चेक जरूर करें।
चांदी (Silver) की शुद्धता कैसे जांचें?
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चुंबक टेस्ट: असली चांदी कभी चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक रही है, तो वह नकली है।
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बर्फ टेस्ट: चांदी पर बर्फ का टुकड़ा रखें। असली चांदी ऊष्मा की सुचालक होती है, इसलिए इस पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है।
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गंध टेस्ट: असली चांदी में कोई महक नहीं होती। अगर उसमें से कॉपर (तांबे) जैसी गंध आ रही है, तो धातु में मिलावट है।
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कपड़ा टेस्ट: चांदी को किसी सफेद कपड़े से तेजी से रगड़ें। अगर कपड़े पर काला निशान बन जाए, तो समझ लें आपकी चांदी एकदम असली है।