जाते-जाते देवदूत बन गई 9 साल की बच्ची, 3 लोगों को दिया 'नया जन्म'; पढ़ें एक पिता के सबसे मुश्किल फैसले की कहानी

जोधपुर एम्स में 9 साल की ब्रेन डेड बच्ची अंजलि ने अंगदान कर 3 लोगों को नया जीवन दिया है। ग्रीन कॉरिडोर के जरिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजे गए लिवर और किडनी। पढ़ें पूरी भावुक कर देने वाली खबर।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor
August 29, 2026 • 6:55 PM  1
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जाते-जाते देवदूत बन गई 9 साल की बच्ची, 3 लोगों को दिया 'नया जन्म'; पढ़ें एक पिता के सबसे मुश्किल फैसले की कहानी
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जाते-जाते देवदूत बन गई 9 साल की बच्ची, 3 लोगों को दिया 'नया जन्म'; पढ़ें एक पिता के सबसे मुश्किल फैसले की कहानी

राजस्थान के जोधपुर एम्स (AIIMS Jodhpur) से एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। पचपदरा की रहने वाली 9 साल की मासूम अंजलि भले ही इस दुनिया से विदा हो गई, लेकिन जाते-जाते वह तीन लोगों की जिंदगी रोशन कर गई। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद अंजलि को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इसके बाद परिजनों ने भारी मन से एक बड़ा और नेक फैसला लेते हुए अपनी लाडली के अंगदान (Organ Donation) की सहमति दी। अंजलि की दो किडनी और लिवर ने तीन मरीजों को नया जीवन दिया है।

स्कूल जाते समय हुआ था दर्दनाक हादसा

बीते 19 अगस्त को अंजलि हमेशा की तरह खुशी-खुशी स्कूल जा रही थी। तभी सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार डंपर ने उसे टक्कर मार दी। इस भयानक हादसे में अंजलि के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत इलाज के लिए जोधपुर के एम्स में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन 27 अगस्त को डॉक्टरों की टीम ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor

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