₹414 करोड़ के कस्टम्स फर्जीवाड़े में आरोपी शंकर माली को हाईकोर्ट से जमानत, 11 महीने से था जेल में बंद

414.09 करोड़ रुपये के कथित कस्टम्स फर्जीवाड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने आरोपी शंकर माली को सशर्त जमानत दे दी।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 17, 2026 • 5:27 PM  3
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राजस्थान
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₹414 करोड़ के कस्टम्स फर्जीवाड़े में आरोपी शंकर माली को हाईकोर्ट से जमानत, 11 महीने से था जेल में बंद
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₹414 करोड़ के कस्टम्स फर्जीवाड़े में आरोपी शंकर माली को हाईकोर्ट से जमानत, 11 महीने से था जेल में बंद

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने 414.09 करोड़ रुपये के कथित कस्टम्स फर्जीवाड़े मामले में आरोपी शंकर माली को सशर्त जमानत दे दी है। शंकर माली पिछले करीब 11 महीने से जयपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद था। शुक्रवार को न्यायाधीश विनोद कुमार भारवानी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद जमानत याचिका स्वीकार कर ली।

पहले खारिज हो चुकी थी जमानत याचिका

यह मामला अजमेर निवासी जगदीश प्रसाद के बेटे शंकर माली और भारत सरकार के बीच चल रहा है। इससे पहले 8 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने दोबारा जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। शंकर माली 1 अगस्त 2025 से न्यायिक हिरासत में था और जयपुर सेंट्रल जेल में बंद था।

कस्टम्स विभाग ने लगाए ₹414.09 करोड़ के फर्जी बिल बनाने के आरोप

कस्टम्स विभाग के अनुसार, शंकर माली और उसके सहयोगियों ने बेल स्टार टेक्नो सॉल्यूशंस ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड तथा विजुअल बर्डस टेक्नोलॉजी के माध्यम से 414.09 करोड़ रुपये के सोने और हीरे के कथित फर्जी आयात बिल तैयार किए।

विभाग का आरोप है कि इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए सीमा शुल्क (कस्टम्स ड्यूटी) से बचने का प्रयास किया गया और हांगकांग, सिंगापुर तथा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित कंपनियों को गैरकानूनी तरीके से धन भेजा गया।

कोर्ट में दोनों पक्षों ने रखे अपने-अपने तर्क

बचाव पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। वकील ने दलील दी कि पूरा मामला दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर आधारित है, इसलिए आरोपी के सबूतों से छेड़छाड़ करने की आशंका नहीं है। साथ ही, इस मामले के अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।

वहीं कस्टम्स विभाग ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के बाहर आने से जांच और साक्ष्यों पर असर पड़ सकता है। विभाग ने यह भी बताया कि मामले के कुछ आरोपी अब भी फरार हैं।

हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दी

दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने शंकर माली की जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत ने कुछ शर्तों के साथ आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

Kashish Sain

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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