सावन बीता सूखा, अब भादवा कराएगा भरपाई; 2 सितंबर से फिर मेहरबान होगा मानसून

राजस्थान में मानसून एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। सावन सूखा बीतने के बाद अब बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए लो-प्रेशर सिस्टम के कारण 2 सितंबर से प्रदेश में फिर से झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
August 31, 2026 • 10:50 AM  1.2k
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सावन बीता सूखा, अब भादवा कराएगा भरपाई; 2 सितंबर से फिर मेहरबान होगा मानसून
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सावन बीता सूखा, अब भादवा कराएगा भरपाई; 2 सितंबर से फिर मेहरबान होगा मानसून

राजस्थान में इस बार सावन का महीना भले ही बारिश के लिहाज से काफी हद तक सूखा निकल गया हो, लेकिन भाद्रपद (भादवा) में इसकी पूरी भरपाई होने की उम्मीद जग गई है। मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के अनुसार, प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की ओर अग्रसर है। लंबे समय से बारिश पर लगा ब्रेक अब टूटने वाला है और 2 सितंबर से राजस्थान के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम

मानसून की इस दमदार वापसी के पीछे बंगाल की खाड़ी में बन रहा एक नया और मजबूत 'लो-प्रेशर सिस्टम' (निम्न दबाव क्षेत्र) है। यह वेदर सिस्टम लगातार मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सिस्टम का असर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होते हुए राजस्थान की सीमा तक पहुंचेगा। सिस्टम की ताकत और दिशा ही यह तय करेगी कि राजस्थान में बारिश का दायरा कितना व्यापक होगा।

2 सितंबर से मौसम में आएगा बड़ा बदलाव

वर्तमान मौसम पूर्वानुमानों की मानें तो 1 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा या आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। असली बदलाव 2 सितंबर से देखने को मिलेगा:

  • शुरुआती असर: 2 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।

  • बारिश का बढ़ेगा दायरा: इसके बाद 3 और 4 सितंबर को सिस्टम के पूरी तरह प्रभावी होने पर बारिश का दायरा प्रदेश के अन्य इलाकों तक भी फैल जाएगा, जिससे किसानों और आमजन को उमस से बड़ी राहत मिलेगी।

मानसून ट्रफ की स्थिति भी होगी अनुकूल

सिर्फ बंगाल की खाड़ी का सिस्टम ही नहीं, बल्कि 'मानसून ट्रफ' की स्थिति भी प्रदेश के मौसम के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है। फिलहाल मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसकी हुई है। जैसे-जैसे यह अपनी सामान्य स्थिति की ओर वापस लौटेगी, राजस्थान में मानसून की गतिविधियां और भी तेज हो जाएंगी। इसलिए सितंबर का पहला सप्ताह मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

18 प्रतिशत बारिश की कमी होगी पूरी!

आमतौर पर राजस्थान में मानसून की सबसे ज्यादा बारिश जुलाई और अगस्त के महीने में होती है। लेकिन अगस्त में मानसून के लंबे ब्रेक के कारण राज्य में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे चला गया है। 30 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में करीब 18 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। ऐसे में भादवे में मानसून का यह 'कमबैक' अगर मौसम विभाग के अनुमानों पर खरा उतरता है, तो प्रदेश के कई हिस्सों में तरबतर बारिश होगी और सूखे की यह कमी भी पूरी हो सकेगी।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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