अनुकंपा नौकरी और प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या, CCTV से खुली सुपारी किलिंग की साजिश

जयपुर के प्रताप नगर में मां की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। अनुकंपा नौकरी और संपत्ति के लालच में बेटी आयुषी शर्मा ने अपने रिश्तेदार बलराम के साथ मिलकर मां की सुपारी देकर हत्या करवाई। पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर हत्या की साजिश का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी बलराम अभी फरार है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 10, 2026 • 4:03 PM  4
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अनुकंपा नौकरी और प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या, CCTV से खुली सुपारी किलिंग की साजिश
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अनुकंपा नौकरी और प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या, CCTV से खुली सुपारी किलिंग की साजिश

जयपुर के प्रताप नगर में सामने आई सनसनीखेज सुपारी किलिंग का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड मृतका की 23 वर्षीय बेटी आयुषी शर्मा निकली। पुलिस पूछताछ में उसने कबूल किया कि पिता की मौत के बाद अनुकंपा नौकरी और संपत्ति को लेकर मां नीरज शर्मा (45) से उसका विवाद लगातार बढ़ता गया। इसी विवाद के चलते उसने अपने ताऊ के बेटे बलराम के साथ मिलकर मां की हत्या की पूरी साजिश रची।

पुलिस के अनुसार आयुषी चाहती थी कि पिता विजय कुमार शर्मा की जगह उसे कोर्ट में अनुकंपा नियुक्ति मिले, लेकिन मां ने मानसिक रूप से बीमार बेटे के हित में खुद सरकारी नौकरी हासिल कर ली। इसके बाद मां-बेटी के बीच आए दिन झगड़े होने लगे। विवाद इतना बढ़ गया कि आयुषी घर छोड़कर टोंक रोड स्थित कल्याण नगर में रहने लगी, जहां उसके साथ ताऊ का बेटा बलराम भी रहता था। वहीं दोनों ने नीरज शर्मा की हत्या की योजना बनाई।

CCTV फुटेज से खुला हत्या का राज

एसीपी हरिशंकर शर्मा ने बताया कि शुरुआत में मामला सड़क हादसा लग रहा था, लेकिन घटनास्थल और CCTV फुटेज की जांच में कई संदिग्ध बातें सामने आईं। फुटेज में कार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती दिखाई दी। सड़क पर कार को दाईं ओर पर्याप्त जगह होने के बावजूद चालक अचानक बाईं ओर गया और महिला को कुचलने के बाद दोबारा दाईं ओर आकर फरार हो गया।

स्थानीय लोगों ने भी कार की तेज रफ्तार की पुष्टि की। पुलिस ने जब क्राइम सीन का विश्लेषण किया तो स्पष्ट हुआ कि यह सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों में कार में बैठे युवक और सड़क किनारे मौजूद कुछ लोग लगातार मोबाइल पर बातचीत करते दिखाई दिए। इसी आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।

भाई को नुकसान न पहुंचे, इसलिए चुना गया सही समय

पूछताछ में आयुषी ने बताया कि वह अपनी मां को दर्दनाक मौत देना चाहती थी, लेकिन उसने बलराम से साफ कहा था कि छोटे भाई को किसी भी तरह की चोट नहीं लगनी चाहिए। बदमाशों ने कई दिनों तक रेकी की और वह समय चुना जब नीरज शर्मा अपने बेटे को ट्यूशन छोड़कर अकेले घर लौटती थीं। उसी दौरान कार से कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई।

7 लाख रुपए में दी गई सुपारी

पुलिस के अनुसार बलराम ने हत्या करवाने के लिए अपने गांव के दोस्त हेमंत से संपर्क किया। हेमंत ने अपने रिश्तेदार आकाश के साथ मिलकर 7 लाख रुपए में हत्या की सुपारी ली। जांच में सामने आया कि हत्या से पहले कई बैठकों में पूरी योजना बनाई गई थी।

LLB की छात्रा ने बनाई पूरी रणनीति

आयुषी निजी कॉलेज से एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा है। पुलिस के मुताबिक उसने हत्या को दुर्घटना दिखाने की पूरी रणनीति तैयार की थी। योजना के तहत भरतपुर से किराए पर कार लाने, जयपुर के युवक की आईडी पर वाहन लेने, हत्या के बाद कार कहां छोड़ी जाएगी, पुलिस किस दिशा में जांच करेगी और यदि किराए पर कार लेने वाला युवक पकड़ा गया तो उसकी जमानत कैसे कराई जाएगी—इन सभी बिंदुओं पर पहले से चर्चा कर ली गई थी।

जमीन के लालच में शामिल हुआ ताऊ का परिवार

जांच में सामने आया कि बलराम ने हत्या के बदले भरतपुर स्थित हाईवे किनारे की जमीन मांगी थी। आयुषी ने नौकरी और जयपुर की संपत्ति अपने पास रखने तथा हाईवे वाली जमीन बलराम को देने पर सहमति जताई थी। पुलिस का कहना है कि बलराम ने यह बात अपने पिता मोहन शर्मा को भी बताई थी और वह भी जमीन के लालच में इस साजिश का हिस्सा बन गया।

तीन महीने पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि करीब तीन महीने पहले भी नीरज शर्मा की हत्या का प्रयास किया गया था। उस समय आरोपियों ने भरतपुर से थार गाड़ी किराए पर ली थी, लेकिन योजना सफल नहीं हो सकी। इस घटना के बाद नीरज शर्मा ने परिवार के लोगों से अपनी हत्या की आशंका भी जताई थी, हालांकि किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

7 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता फरार

3 जुलाई को प्रताप नगर में हुई इस सुपारी किलिंग मामले में पुलिस अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं मुख्य आरोपी बलराम अभी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे हत्याकांड की परतें खुल चुकी हैं।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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