कार को बताया '12 लाख का गधा', सपरिवार शोरूम के बाहर धरने पर बैठे अफसर; जानिए आखिर क्या है पूरा मामला?
राजस्थान के अलवर में एक कार मालिक ने अपनी 12 लाख की खराब कार पर '12 लाख का गधा' लिखकर शोरूम के बाहर धरना दिया। सर्विस सेंटर से परेशान ग्राहक के अनोखे विरोध के बाद कंपनी ने मानी गलती और पूरे 12 लाख रुपये किए रिफंड।



राजस्थान के अलवर जिले से उपभोक्ता जागरूकता और विरोध प्रदर्शन का एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां एक कार मालिक ने अपनी 12 लाख रुपये की चमचमाती गाड़ी को 'गधा' घोषित कर दिया। बार-बार आ रही तकनीकी खराबियों और सर्विस सेंटर की लेटलतीफी से तंग आकर ग्राहक ने परिवार के साथ शोरूम के बाहर डेरा डाल दिया। बीच सड़क पर हुआ यह अनूठा प्रदर्शन इतना प्रभावी रहा कि आखिरकार कार कंपनी को घुटने टेकने पड़े और ग्राहक को उसकी पूरी रकम लौटानी पड़ी।
3 साल से कार ने कर रखा था नाक में दम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रैणी एसडीएम कार्यालय में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत दीपक शर्मा ने करीब तीन साल पहले 12 लाख रुपये खर्च कर एक नई कार खरीदी थी। लेकिन उनका यह शौक जल्द ही परेशानी का सबब बन गया। कार में आए दिन नई समस्याएं सामने आने लगीं। कभी गाड़ी की महंगी बैटरी अचानक साथ छोड़ देती, तो कभी भीषण गर्मी के बीच एसी (AC) काम करना बंद कर देता। पिछले ढाई सालों में शर्मा ने अनगिनत बार सर्विस सेंटर के चक्कर काटे और दर्जनों शिकायतें कीं, लेकिन उन्हें सिवाय आश्वासनों के कोई स्थायी समाधान नहीं मिला।
बोनट पर लिखा- 'इससे अच्छा तो गधा है'
मानसिक रूप से प्रताड़ित हो चुके दीपक शर्मा ने मंगलवार को अपना विरोध दर्ज कराने का एक नायाब तरीका चुना। वे सुबह-सुबह अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर अलवर शहर के हनुमान चौराहा स्थित उसी कार शोरूम पहुंच गए, जहां से उन्होंने गाड़ी खरीदी थी। उन्होंने शोरूम के मुख्य गेट के ठीक सामने कार खड़ी की और सपरिवार वहीं जमीन पर धरने पर बैठ गए।
इस दौरान सबसे ज्यादा ध्यान खींचा कार के बोनट और शीशे पर लगे उस बड़े बैनर ने, जिस पर मोटे अक्षरों में लिखा था- '12 लाख का गधा'। दीपक शर्मा ने बैनर पर तंज कसते हुए लिखा था, "इस कार को खरीदने से कहीं ज्यादा बढ़िया है एक गधा खरीद लेना, कम से कम वह वजन तौलने (ढोने) के तो काम आएगा। अलवर से यह गधा मैंने 12 लाख रुपये में लिया है।" इस तीखे तंज ने कंपनी की बिल्ड क्वालिटी और आफ्टर-सेल्स सर्विस की पोल खोल कर रख दी।
घंटों चले हंगामे के बाद झुकी कंपनी, 12 लाख रुपये किए रिफंड
मंगलवार सुबह 9 बजे शुरू हुआ यह धरना दोपहर तक चलता रहा। शोरूम के बाहर बैनर लगी कार और धरने पर बैठे परिवार को देखने वालों की भारी भीड़ जमा हो गई। जब शोरूम प्रबंधन और कंपनी के अधिकारियों ने देखा कि इस ड्रामे से उनकी ब्रांड इमेज को भारी नुकसान पहुंच रहा है, तो उन्होंने झुकने में ही भलाई समझी।
दोपहर करीब 1:30 बजे कंपनी के अधिकारियों ने दीपक शर्मा से बातचीत कर अपनी गलती स्वीकार कर ली। मामले को तुरंत सुलझाते हुए शोरूम प्रबंधन ने वह खराब कार वापस ले ली और दीपक शर्मा को उनकी पूरी रकम यानी 12 लाख रुपये तत्काल रिफंड कर दिए। अपनी गाढ़ी कमाई वापस मिलने और समस्या का समाधान होने के बाद ही अधिकारी ने अपना धरना समाप्त किया। यह मामला अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।













































