अपनों की बगावत से BJP-कांग्रेस में हड़कंप: टिकट कटते ही ठोकी निर्दलीय ताल, नेताओं ने बंद किए फोन!

पाली में टिकट कटने से नाराज बागी उम्मीदवारों ने निर्दलीय नामांकन भरकर भाजपा और कांग्रेस दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बागी नेताओं ने फोन बंद कर लिए हैं, वहीं मदन राठौड़ स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पाली में सीवरेज और पानी मुख्य चुनावी मुद्दे हैं।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
September 1, 2026 • 6:32 PM  396
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अपनों की बगावत से BJP-कांग्रेस में हड़कंप: टिकट कटते ही ठोकी निर्दलीय ताल, नेताओं ने बंद किए फोन!
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1 Sep 2026
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अपनों की बगावत से BJP-कांग्रेस में हड़कंप: टिकट कटते ही ठोकी निर्दलीय ताल, नेताओं ने बंद किए फोन!

पाली क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और इस बार का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प व पेचीदा मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। टिकट बंटवारे से नाराज बागी नेताओं ने निर्दलीय ताल ठोक कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों का गणित बिगाड़ दिया है। इन बागी उम्मीदवारों के चुनावी मैदान में डटे रहने से दोनों पार्टियों के आधिकारिक प्रत्याशियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

जन समस्याओं पर भारी पड़ रही अपनों की बगावत

पाली की जनता लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है। शहर में सीवरेज का अधूरा काम और पेयजल की किल्लत सबसे बड़े और ज्वलंत मुद्दे हैं। इन दोनों भारी समस्याओं से पाली का आम जनमानस खासा आहत है। राजनीतिक दल इन अहम मुद्दों के जरिए जनता को अपने पक्ष में करने की रणनीति बना ही रहे थे कि ऐन मौके पर टिकट कटने से नाराज हुए उनके अपने ही नेताओं ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

मान-मनौव्वल की कोशिशें जारी, बागियों ने किए फोन बंद

बगावत का झंडा बुलंद करने वाले दोनों ही पार्टियों के कई नेताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन वापसी के समय को देखते हुए अब भाजपा और कांग्रेस के आलाकमान इन बागियों को मनाने के लिए डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। हालांकि, पार्टियों के लिए यह राह आसान नहीं दिख रही है। मनाने की इन कोशिशों के बीच कई बागी उम्मीदवारों ने पार्टी के आला नेताओं से संपर्क तोड़ते हुए अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में बेचैनी और बढ़ गई है।

मदन राठौड़ कर रहे हैं सीधी मॉनिटरिंग

पाली की इस बिगड़ती राजनीतिक स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संगठन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ खुद पाली के पूरे घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए हैं और पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डैमेज कंट्रोल के लिए स्थानीय स्तर पर वरिष्ठ नेताओं को बागियों से संपर्क साधने की सख्त हिदायत दी गई है।

आने वाले कुछ दिन पाली के चुनावी समीकरणों के लिहाज से बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं। देखना दिलचस्प होगा कि पार्टियां अपने बागियों को मनाने में कामयाब होती हैं या फिर यह निर्दलीय उम्मीदवार दोनों राष्ट्रीय दलों का बड़ा खेल बिगाड़ेंगे।

yashaswani

yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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