रिसॉर्ट में फुल मौज, बाहर बाउंसर्स का पहरा! राजस्थान चुनाव के नतीजों से पहले हॉर्स-ट्रेडिंग का ऐसा खौफ, 2 महीने की बच्ची भी बाड़ेबंदी में
राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के चुनाव नतीजे 14 सितंबर को आएंगे। क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग के डर से बीजेपी और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को बाउंसर्स के पहरे में रिसॉर्ट्स में कैद कर दिया है।
राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के चुनाव नतीजे सोमवार, 14 सितंबर को घोषित होने जा रहे हैं। लेकिन नतीजों से पहले ही प्रदेश का सियासी पारा सातवें आसमान पर है। संभावित जीत हार के साथ ही पार्षदों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) का डर दोनों प्रमुख पार्टियों—कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP)—को सताने लगा है। यही वजह है कि वोटिंग खत्म होते ही दोनों दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के साथ-साथ जीतने वाले निर्दलीयों की बाड़ेबंदी (रिसॉर्ट पॉलिटिक्स) शुरू कर दी है। जयपुर से लेकर उदयपुर और सीकर तक, प्रत्याशी अब फाइव-स्टार रिसॉर्ट्स और होटलों में प्राइवेट बाउंसर्स की कड़ी निगरानी में हैं।
कांग्रेस के बाउंसर, तो बीजेपी का 'ट्रेनिंग कैंप' का दावा
जयपुर नगर निगम के चुनाव को लेकर दोनों पार्टियों ने खास सतर्कता बरती है।
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कांग्रेस की घेराबंदी: कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग के डर से अपने सभी 150 पार्षद प्रत्याशियों को जयपुर के बस्सी स्थित एस्थेरिया (Astheria) रिसॉर्ट में ठहराया है। यहां सुरक्षा इतनी कड़ी है कि चप्पे-चप्पे पर प्राइवेट बाउंसर तैनात किए गए हैं। वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की अगुवाई में निर्दलीयों को भी साधे रखने की कोशिश की जा रही है।