चिकन नेक से कश्मीर तक... क्या पक रही है अमित शाह की 'सीक्रेट खिचड़ी'? 5 दिनों के भीतर 5 बड़े एक्शन!

गृह मंत्री अमित शाह इन दिनों शांत जरूर दिख रहे हैं, लेकिन देश की आंतरिक सुरक्षा और राजनीति को लेकर उनकी ताबड़तोड़ बैठकें किसी 'बड़े कदम' का इशारा कर रही हैं। जानिए उनके हालिया 5 बड़े कदम।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
August 25, 2026 • 1:25 PM  5
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चिकन नेक से कश्मीर तक... क्या पक रही है अमित शाह की 'सीक्रेट खिचड़ी'? 5 दिनों के भीतर 5 बड़े एक्शन!
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चिकन नेक से कश्मीर तक... क्या पक रही है अमित शाह की 'सीक्रेट खिचड़ी'? 5 दिनों के भीतर 5 बड़े एक्शन!

राजनीति के 'चाणक्य' कहे जाने वाले देश के गृह मंत्री अमित शाह पिछले कुछ समय से सार्वजनिक मंचों पर थोड़े शांत नजर आ रहे हैं। उनकी इस खामोशी को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी विपक्ष ने आरोप लगाया कि अमित शाह सदन से गायब हैं। कांग्रेस का दावा था कि वह दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट पर पुलिस की सख्ती को लेकर जवाब देने से बच रहे हैं।

हालांकि, अमित शाह ने मीडिया के सामने आकर विपक्ष को सदन में चर्चा की खुली चुनौती दी, जिससे कांग्रेस पीछे हट गई। कांग्रेस नेता अक्सर उनके 'चाणक्य' होने पर तंज भी कसते हैं। हाल ही में प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कटाक्ष करते हुए कहा था कि अगर आज चाणक्य जिंदा होते, तो वो भी चौंक जाते।

लेकिन, इन सियासी तंजों और 'चुप्पी' के दावों के बीच, अगर अमित शाह के पिछले कुछ दिनों के कार्यक्रमों पर नजर डालें, तो तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है। उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा और कूटनीति से जुड़ी कई अहम बैठकें की हैं। आइए जानते हैं उनके 5 बड़े कदमों के बारे में, जो किसी 'बड़े प्लान' का संकेत दे रहे हैं:

1. आतंकवाद के खिलाफ 'प्रहार डॉक्ट्रीन' (24 अगस्त 2026)

सोमवार को नई दिल्ली में अमित शाह ने 'नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटजीज कॉन्फ्रेंस 2026' का उद्घाटन किया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में उन्होंने आतंकवाद और कट्टरपंथ को जड़ से खत्म करने के लिए देश की पहली 'प्रहार डॉक्ट्रीन' (Prahar Doctrine) पर जोर दिया। इस बैठक में देश की सभी सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया, जिसमें घुसपैठ, नार्कोटिक्स, साइबर क्राइम, समुद्री सुरक्षा और बायोसिक्योरिटी जैसी भविष्य की चुनौतियों से निपटने की रणनीति बनाई गई।

2. सिलीगुड़ी कॉरिडोर की अभेद्य सुरक्षा (22 अगस्त 2026)

इससे ठीक दो दिन पहले, गृह मंत्री ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम 'सिलीगुड़ी कॉरिडोर' (चिकन नेक) की सुरक्षा की समीक्षा की। उन्होंने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कई प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में शाह ने इस इलाके को अतिक्रमण मुक्त करने और घुसपैठ रोकने के सख्त निर्देश दिए। मोदी सरकार इस कॉरिडोर को 'क्वाड्रिलैटेरल सिक्योरिटी ग्रिड' के जरिए अभेद्य किले में तब्दील कर रही है।

3. गोरखा समुदाय के लिए स्थायी समाधान

पश्चिम बंगाल में गोरखा समुदाय का मुद्दा दशकों पुराना है। सिलीगुड़ी दौरे के समय ही अमित शाह ने गोरखा सांसदों और विधायकों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने पूर्व डिप्टी NSA पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बना दी है। यह समिति संविधान के दायरे में रहकर गोरखा समस्या के स्थायी राजनीतिक समाधान का ड्राफ्ट तैयार करेगी।

4. परिसीमन पर दक्षिण के राज्यों को साधा (20 अगस्त 2026)

गृह मंत्री ने 20 अगस्त को तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 31वीं सदर्न जोनल काउंसिल समिट की अध्यक्षता की। इस बैठक में दक्षिण के सभी प्रमुख राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हुए। कावेरी जल विवाद से ज्यादा इस बैठक में परिसीमन (Delimitation) का मुद्दा छाया रहा। शाह की यह बैठक इसलिए भी सफल रही क्योंकि तमिलनाडु के सीएम सी. जोसेफ विजय ने संकेत दिया कि अगर दक्षिणी राज्यों की लोकसभा सीटें कम नहीं की गईं, तो वे प्रस्तावित बिल का समर्थन करेंगे। यह केंद्र सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत मानी जा रही है।

5. मणिपुर में NRC और जनगणना पर मंथन (18 अगस्त 2026)

मणिपुर में जनगणना से पहले NRC (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस) लागू करने की मांग तेज हो गई है। राज्य का बहुसंख्यक वर्ग पहले NRC चाहता है, जबकि कुकी-जो समुदाय इसका विरोध कर रहा है। इसी अहम मसले पर अमित शाह ने 18 अगस्त को मणिपुर के पूर्व सीएम एन. बीरेन सिंह के साथ लंबी चर्चा की।

क्या होने वाला है कोई बड़ा 'धमाका'?

5 अगस्त 2019 को जब जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाया गया था या जब नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पास किया गया था, तब भी अमित शाह की रणनीति की किसी को भनक तक नहीं लगी थी। यही कारण है कि दिल्ली की राजनीति में चर्चा जोरों पर है कि अगर अमित शाह चुपचाप अपना काम कर रहे हैं, तो बहुत मुमकिन है कि देश में फिर से कोई बड़ा और ऐतिहासिक फैसला होने वाला है!

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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