1.5 करोड़ की स्मैक के साथ 6 तस्कर गिरफ्तार, पत्नी करती थी ड्रग्स की डील
दौसा पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ब्लैक स्कॉर्पियो से 1.5 करोड़ रुपये की स्मैक बरामद की है। मास्टरमाइंड सहित कोटा के 6 तस्कर गिरफ्तार। पत्नी संभालती थी ड्रग्स का पूरा हिसाब।



राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ दौसा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भांडारेज पुलिया के पास नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक ब्लैक स्कॉर्पियो से करीब 1.5 करोड़ रुपये कीमत की स्मैक (ड्रग्स) बरामद की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने कोटा से स्मैक की डिलीवरी देने जा रहे 6 तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
खुफिया इनपुट पर पुलिस का एक्शन
सदर थानाधिकारी युधिष्ठिर ने बताया कि जयपुर रेंज साइबर सेल से इनपुट मिला था कि कोटा के कुछ तस्कर दौसा के सिकंदरा क्षेत्र में स्मैक की एक बड़ी खेप सप्लाई करने आ रहे हैं। इस पुख्ता सूचना के आधार पर जयपुर रेंज साइबर सेल, दौसा डीएसटी (DST) और सदर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार रात एक्सप्रेसवे पर सख्त नाकाबंदी की। जब संदिग्ध ब्लैक स्कॉर्पियो को रोककर तलाशी ली गई, तो उसमें से 293.5 ग्राम स्मैक बरामद हुई।
पत्नी शिवानी संभालती थी ड्रग्स का 'अकाउंट'
दौसा एसपी कुंदन कवरिया ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरे ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड अहसान है। प्रारंभिक पूछताछ में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ड्रग्स की डीलिंग और पैसों के लेन-देन का पूरा हिसाब अहसान की पत्नी शिवानी कंवर रखती थी। मास्टरमाइंड अहसान अपने गुर्गों के साथ माल की सुरक्षित सप्लाई का काम करता था। यह गिरोह दौसा के तीन स्थानीय लोगों के संपर्क में था, जिन्हें यह खेप सौंपी जानी थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान
पुलिस ने मौके से जिन 6 तस्करों को दबोचा है, वे सभी कोटा के अलग-अलग थाना इलाकों के निवासी हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल ब्लैक स्कॉर्पियो भी जब्त कर ली है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
अहसान (30 वर्ष) - मुख्य आरोपी
शोएल अली (32 वर्ष)
शाहनवाज खान (29 वर्ष)
मुकीम (29 वर्ष)
शाहरुख (31 वर्ष)
मोहम्मद शोएल उर्फ बल्लू (29 वर्ष)
राजस्थान के कई जिलों तक फैले हैं नेटवर्क के तार
पुलिस अब गिरफ्तार तस्करों से कड़ी पूछताछ कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह दौसा ही नहीं, बल्कि राजस्थान के अन्य जिलों में भी मादक पदार्थों की भारी सप्लाई में लिप्त है। जयपुर, अजमेर, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ जैसे शहरों में भी इस नेटवर्क के जुड़े होने के सुराग मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। फरार तीन तस्करों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।













































