अफीम तस्कर से सेटिंग करना SHO को पड़ा भारी,मांगी मोटी घूस, अफीम भी डकार गए साहब
राजस्थान के अजमेर में मांगलियावास थाना प्रभारी (SHO) हरीश चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर NDPS एक्ट के तहत 2 किलो अफीम तस्कर को बचाने और घूस मांगने के गंभीर आरोप हैं। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।



राजस्थान के अजमेर जिले से पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले के मांगलियावास थाने के प्रभारी (SHO) हरीश चौधरी को शुक्रवार देर रात तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। थाना प्रभारी पर NDPS एक्ट के एक मामले में भ्रष्टाचार और कार्य में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं। अजमेर एसपी ने इस मामले में विभागीय जांच शुरू करवा दी है।
2 किलो अफीम और रिश्वत का खेल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम करीब 15 दिन पुराना है। बताया जा रहा है कि मांगलियावास थाना पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 2 किलो अफीम पकड़ी थी। आरोप है कि इस दौरान थाना प्रभारी हरीश चौधरी ने मामले के मुख्य आरोपी को बचाने के एवज में भारी भरकम रिश्वत की मांग की।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि बरामद की गई अफीम को भी नियमानुसार कागजों में जब्त नहीं दिखाया गया। आरोपी से रुपयों के लेन-देन और ड्रग्स जब्ती में खेल करने की भनक जैसे ही उच्चाधिकारियों को लगी, महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत एक्शन लिया गया।
SP हर्षवर्धन अग्रवाला ने की कार्रवाई की पुष्टि
अजमेर के पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला ने मांगलियावास थाना प्रभारी को सस्पेंड किए जाने की पुष्टि की है। एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह कार्य में लापरवाही का मामला है, जिसके चलते थाना प्रभारी पर निलंबन की गाज गिरी है। पूरे प्रकरण की विभागीय स्तर पर गहनता से जांच की जा रही है।
हालांकि, एसपी ने फिलहाल रिश्वत के लेन-देन और अफीम की जब्ती नहीं करने के आरोपों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी और उसी आधार पर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सस्पेंड SHO ने दी सफाई, पहले भी हो चुके हैं लाइन हाजिर
इस बड़ी कार्रवाई के बाद सस्पेंड हुए एसएचओ हरीश चौधरी का भी बयान सामने आया है। अपने ऊपर लगे रिश्वत के आरोपों पर सफाई देते हुए चौधरी ने कहा कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की पालना कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जब मामले की निष्पक्ष जांच होगी, तो सारे असल तथ्य खुद-ब-खुद सामने आ जाएंगे।
दागदार रहा है पुराना रिकॉर्ड
आपको बता दें कि थाना प्रभारी हरीश चौधरी के लिए विवादों में घिरना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी मांगलियावास थाने की कमान संभालते हुए उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ चुके हैं और उन्हें एक मामले में लाइन हाजिर किया जा चुका है। बार-बार विवादों में आने के कारण उनकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवालिया निशान लग रहे हैं। फिलहाल पूरे पुलिस महकमे की नजरें इस मामले की विभागीय जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।












































