गाजा युद्ध समाप्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम: ट्रंप-नेतन्याहू की शांति योजना पर सहमति, हमास की प्रतिक्रिया का इंतजार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 29 सितंबर 2025 को व्हाइट हाउस में गाजा युद्ध समाप्त करने के लिए एक व्यापक 20-सूत्री शांति प्रस्ताव की घोषणा की। योजना में तत्काल ceasefire, बंधकों की रिहाई, हमास का विघटन, सहायता वितरण और अंतरराष्ट्रीय निगरानी शामिल है। नेतन्याहू ने योजना का समर्थन किया, जबकि ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी कि अस्वीकृति पर इजरायल को अमेरिकी समर्थन मिलेगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रस्ताव का स्वागत किया, लेकिन हमास की प्रतिक्रिया अस्पष्ट बनी हुई है। यह प्रस्ताव दो वर्षों के खूनी संघर्ष को समाप्त करने की उम्मीद जगाता है।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 30, 2025 • 12:47 PM  9
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गाजा युद्ध समाप्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम: ट्रंप-नेतन्याहू की शांति योजना पर सहमति, हमास की प्रतिक्रिया का इंतजार
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गाजा युद्ध समाप्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम: ट्रंप-नेतन्याहू की शांति योजना पर सहमति, हमास की प्रतिक्रिया का इंतजार

वाशिंगटन डीसी, 30 सितंबर 2025: दो वर्षों से चले आ रहे गाजा संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को व्हाइट हाउस में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान गाजा युद्ध समाप्ति के लिए एक व्यापक शांति प्रस्ताव की घोषणा की। इस 20-सूत्री योजना में तत्काल युद्धविराम, बंधकों की रिहाई, हमास के सैन्य विघटन और गाजा के पुनर्निर्माण की रूपरेखा तैयार की गई है। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे इस योजना पर पूरी तरह सहमत हैं, लेकिन योजना की सफलता हमास की स्वीकृति पर निर्भर करेगी।ट्रंप ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम बहुत करीब हैं, वास्तव में बहुत-बहुत करीब। मैं बेंजामिन (नेतन्याहू) को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस पर कड़ी मेहनत की।" उन्होंने हमास को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, "इजरायल और बाकी सभी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। अब हमास की बारी है। अगर वे इसे स्वीकार नहीं करते, तो इजरायल जो भी कदम उठाएगा, उसे अमेरिका का पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा।" ट्रंप की यह टिप्पणी योजना को एक अल्टीमेटम के रूप में बदल देती है, जो हमास पर दबाव बनाने का प्रयास है।नेतन्याहू ने योजना का समर्थन करते हुए कहा, "यह योजना हमारे युद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करती है। यह सभी बंधकों को वापस लाएगी, हमास की सैन्य क्षमताओं को नष्ट करेगी, उसके राजनीतिक शासन को समाप्त करेगी और सुनिश्चित करेगी कि गाजा कभी फिर से इजरायल के लिए खतरा न बने।" उन्होंने जोर दिया कि हमास के लिए "आसान रास्ता" या "कठिन रास्ता" उपलब्ध है, लेकिन इजरायल अपने उद्देश्यों से पीछे नहीं हटेगा। योजना के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं:
  • तत्काल युद्धविराम: सभी पक्षों के बीच तुरंत संघर्ष विराम।
  • बंधक विनिमय: हमास द्वारा बंधक इजरायली नागरिकों की रिहाई के बदले फिलिस्तीनी कैदियों की मुक्ति, जो 72 घंटों के भीतर पूरी होनी चाहिए।
  • हमास का विघटन: हमास के सदस्य जो शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का वादा करेंगे, उन्हें क्षमादान मिलेगा। अन्य सदस्यों को सुरक्षित मार्ग से गाजा छोड़ने का विकल्प दिया जाएगा।
  • मानवीय सहायता: युद्ध समाप्ति पर गाजा में पूर्ण सहायता वितरण, जिसमें जल, बिजली, अस्पतालों का पुनर्निर्माण और मलबा हटाना शामिल है। रफाह क्रॉसिंग दोनों दिशाओं में खोली जाएगी।
  • अंतरिम शासन: गाजा का प्रबंधन एक तकनीकी, गैर-राजनीतिक फिलिस्तीनी समिति द्वारा किया जाएगा, जिसकी निगरानी "पीस बोर्ड" नामक अंतरराष्ट्रीय निकाय करेगा। इस बोर्ड की अध्यक्षता ट्रंप स्वयं करेंगे।
  • पुनर्वास: गाजा के निवासियों को रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, लेकिन कोई जबरन विस्थापन नहीं होगा।
यह योजना ट्रंप प्रशासन द्वारा जनवरी 2025 में हुए मानवीय सहायता समझौते पर आधारित है और हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीन राज्य की मान्यता के बाद आई है। हालांकि, हमास ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। समूह ने कहा है कि योजना पर कोई परामर्श नहीं किया गया, और कुछ फिलिस्तीनी गुटों ने इसे "क्षेत्रीय विस्फोट की रेसिपी" करार दिया है।दुनिया भर से इस प्रस्ताव का स्वागत हो रहा है। सऊदी अरब, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी कर योजना का समर्थन किया। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा, "हमें इतनी पीड़ा को समाप्त करना होगा।" यूरोपीय संघ ने भी इसे "शांति के लिए वास्तविक अवसर" बताया। ईरान ने योजना की समीक्षा का इंतजार करने की बात कही, जबकि इस्लामिक जिहाद ने इसका कड़ा विरोध किया।भारत ने भी इस कदम का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए कहा, "ट्रंप के गाजा शांति प्रस्ताव का स्वागत करता हूं। यह क्षेत्रीय स्थिरता और शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हम हमेशा मध्य पूर्व में शांतिपूर्ण समाधान के पक्षधर रहे हैं।" मोदी का यह बयान भारत की "नेबरहुड फर्स्ट" नीति और वैश्विक शांति प्रयासों के अनुरूप है।ट्रंप का यह प्रयास 2024 चुनाव अभियान के दौरान किए गए वादे को पूरा करने का हिस्सा लगता है, जब उन्होंने गाजा संघर्ष को जल्द समाप्त करने का वचन दिया था। हालांकि, योजना में अमेरिकी भागीदारी गहराई से जुड़ी हुई है, जो भविष्य में चुनौतियां पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि हमास की अस्वीकृति पर इजरायल की सैन्य कार्रवाई बढ़ सकती है, जो संघर्ष को और लंबा खींच सकती है। फिलहाल, दुनिया गाजा के भविष्य पर हमास की प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतजार कर रही है।यह प्रस्ताव न केवल गाजा के लाखों निवासियों के लिए राहत की उम्मीद है, बल्कि मध्य पूर्व में व्यापक शांति की नींव भी रख सकता है। क्या हमास इस "शांति के अवसर" को स्वीकार करेगा, या संघर्ष एक नई मोड़ लेगा? समय ही बताएगा।

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