"बहू को यहीं छोड़ दे..." मां की ये आखिरी गुहार रह गई अधूरी, अगले दिन बेटे-बहू और दो मासूमों की मिली लाश
राजस्थान के फलौदी जिले में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत के बाद 65 वर्षीय मां सीता देवी का दर्द छलक पड़ा।
राजस्थान के फलौदी जिले में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस हादसे के बाद सबसे ज्यादा टूट चुकी हैं 65 वर्षीय सीता देवी, जिन्होंने एक दिन पहले ही अपने बेटे गेनाराम से कहा था कि बहू पुष्पा को कुछ दिन उनके पास छोड़ दे ताकि वह उसकी सेवा कर सकें। लेकिन बेटे ने जल्द लौटने का भरोसा दिया और अगले ही दिन पूरा परिवार मृत मिला।
सीता देवी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। वह कहती हैं, "अगर पता होता कि बेटे की लाश आएगी, तो उसे कभी वापस नहीं जाने देती।"
एक दिन पहले कुलदेवी के दर्शन करने पहुंचे थे
29 जून को गेनाराम अपनी पत्नी पुष्पा के साथ बीठू गांव आया था। उसने मां से कहा कि पुष्पा की तबीयत ठीक नहीं रहती, इसलिए कुलदेवी के दर्शन करवाने लाया हूं। दोनों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और नारियल चढ़ाया।