पहला डाकू जिसके एनकाउंटर की मांग संसद में उठी: 125 मुकदमे, 3 बार सरेंडर... आखिर जेल में हुई हत्या

राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में वर्षों तक आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डाकू जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या हो गई।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 30, 2026 • 5:39 PM  1
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पहला डाकू जिसके एनकाउंटर की मांग संसद में उठी: 125 मुकदमे, 3 बार सरेंडर... आखिर जेल में हुई हत्या
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पहला डाकू जिसके एनकाउंटर की मांग संसद में उठी: 125 मुकदमे, 3 बार सरेंडर... आखिर जेल में हुई हत्या

राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के चंबल के बीहड़ों में कभी आतंक का दूसरा नाम रहे कुख्यात डाकू जगन गुर्जर की कहानी अब खत्म हो चुकी है। 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि उसी बैरक में बंद हार्डकोर कैदी विष्णु ने तौलिए से गला दबाकर उसकी जान ले ली।

जगन गुर्जर देश का शायद पहला ऐसा डाकू था, जिसके एनकाउंटर की मांग संसद में उठी थी। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने वर्ष 2019 में लोकसभा में कहा था कि जगन गुर्जर जैसे खूंखार डाकू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और उसका एनकाउंटर किया जाना चाहिए।

मंदिर के पुजारी का बेटा कैसे बना डाकू

धौलपुर जिले के भवूतीपुरा गांव का रहने वाला जगन गुर्जर साधारण परिवार से था। उसके पिता शिवचरण गुर्जर स्थानीय बाबू महाराज मंदिर में पूजा-पाठ कराते थे और दूध का कारोबार भी करते थे। साल 1994 में मंदिर कमेटी के विवाद के बाद जगन ने मारपीट की और पुलिस से बचने के लिए बीहड़ों में चला गया। यहीं से उसकी अपराध की दुनिया की शुरुआत हुई।

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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