Ajmer Jail Murder: अलग सेल में थे जगन और विष्णु, फिर कैसे हुआ आमना-सामना? मिलने के लिए थी आपसी सहमति जरूरी
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में बड़ा सवाल सामने आया है।
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 2, 2026 • 11:18 AM 2
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2 Jul 2026
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राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में जांच अब जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर आकर टिक गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जगन गुर्जर और हत्या के आरोपी विष्णु जाट को अलग-अलग सेल में रखा गया था, तो आखिर दोनों आमने-सामने कैसे पहुंचे?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर को सेल नंबर-5 आवंटित थी, जबकि आरोपी विष्णु जाट दूसरी सेल में बंद था। इसी वजह से पुलिस अब जेल के नियमों, सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की आवाजाही की गहन जांच कर रही है।
जेल स्टाफ और CCTV फुटेज की हो रही जांच
जांच के तहत पुलिस ने घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद जेल प्रहरियों और अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, दोनों बंदियों की गतिविधियों और उनके पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है।
जेल सूत्रों के मुताबिक, सूर्योदय से सुबह 11 बजे तक कैदियों को सेल से बाहर रहने की अनुमति होती है। इसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उन्हें सेल में रखा जाता है। इसी अवधि में यदि दोनों बंदियों की आपसी सहमति हो तो वे एक-दूसरे की सेल में जाकर समय बिता सकते हैं।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या विष्णु जाट अपनी मर्जी से जगन की सेल में गया था या जगन ने खुद उसे बुलाया था।
29 जून को हुई थी हत्या
29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु जाट ने डकैत जगन गुर्जर की कथित तौर पर तौलिए से गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस दोनों ने जांच तेज कर दी है। फिलहाल विष्णु को इस मामले में प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार कर पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
हत्या के बाद जेल प्रशासन अलर्ट
वारदात के बाद जेल प्रशासन ने हाई सिक्योरिटी जेल के चार वार्डों और 16 ब्लॉकों में बंद 91 हार्डकोर कैदियों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान बंदियों के आपसी संबंध, साथ रहने की अवधि और व्यवहार का आकलन किया गया। इसके बाद कई हार्डकोर बंदियों के ब्लॉक और सेल बदल दिए गए ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
आरोपी विष्णु की बढ़ाई गई सुरक्षा
हत्या के आरोपी विष्णु जाट को भी सुरक्षा कारणों से दूसरे ब्लॉक और नई सेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। फिलहाल उसकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और सामान्य आवागमन से भी अलग रखा गया है।
जगन की बीमारी भी जांच के दायरे में
जेल प्रशासन के अनुसार, जगन गुर्जर मधुमेह (डायबिटीज) का मरीज था और घुटनों के दर्द का उपचार भी चल रहा था। चिकित्सकों ने उसे इंसुलिन, दर्द निवारक दवाओं के साथ नींद की गोली भी लिखी थी।
हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान जगन के बेटे आशाराम ने आरोप लगाया कि उसके पिता को जबरन नींद की गोली खिलाकर हत्या की गई। फिलहाल इस दावे की भी जांच की जा रही है और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है।
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
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