"ये हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे..." 'मिर्जापुर' की रिलीज के बीच राजस्थान में भड़की भयंकर आग! क्या अब बैन होगी फिल्म?

'मिर्जापुर: द मूवी' में महाराणा प्रताप को समर्पित 'शूरवीर' गाने को गैंगस्टर पर फिल्माने को लेकर विवाद बढ़ गया है। भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने सीबीएफसी (CBFC) से गाना हटाने की मांग की है, वहीं ओरिजिनल क्रिएटर्स 'रैपरिया बालम' ने मेकर्स को कॉपीराइट नोटिस भेजा है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
September 10, 2026 • 6:07 PM  181
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"ये हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे..." 'मिर्जापुर' की रिलीज के बीच राजस्थान में भड़की भयंकर आग! क्या अब बैन होगी फिल्म?

ओटीटी पर धूम मचाने के बाद अब बड़े पर्दे पर रिलीज हुई फिल्म 'मिर्जापुर: द मूवी' (Mirzapur: The Movie) एक बड़े विवाद में घिर गई है। यह विवाद फिल्म में इस्तेमाल किए गए लोकप्रिय राजस्थानी गीत 'शूरवीर' (Shoorveer) को लेकर है। मूल रूप से राजस्थान के गौरव और वीर योद्धा महाराणा प्रताप को समर्पित इस गीत को फिल्म में एक नशे के आदी गैंगस्टर के हिंसक दृश्यों के बैकग्राउंड में इस्तेमाल किया गया है। इसे ऐतिहासिक महापुरुष का अपमान बताते हुए राजस्थान में भारी आक्रोश है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ और गाने के ओरिजिनल क्रिएटर्स 'रैपरिया बालम' (Rapperiya Baalam) ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए एक्शन लिया है।

राजेंद्र राठौड़ ने CBFC को लिखा पत्र, की ये सख्त मांग

राजस्थान के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और सीनियर बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने इस मामले में सीधे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को पत्र लिखकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। राठौड़ ने स्पष्ट किया है कि 'शूरवीर' गीत महाराणा प्रताप के महान त्याग, अदम्य साहस और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसे किसी अपराधी या गैंग कल्चर वाले विलेन के बैकग्राउंड स्कोर के रूप में दिखाना ऐतिहासिक नायक और हमारी सांस्कृतिक विरासत का घोर अपमान है।

उन्होंने सीबीएफसी से तुरंत इस गाने को फिल्म से हटाने की मांग की है। राठौड़ ने फिल्म निर्माताओं को नसीहत देते हुए कहा कि 'अभिव्यक्ति की आजादी' की आड़ में महापुरुषों की गरिमा को ठेस पहुंचाना और जनभावनाओं से खिलवाड़ करना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे प्रतीकों के इस्तेमाल में संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।

रैपरिया बालम ग्रुप ने भेजा कॉपीराइट नोटिस, दी कोर्ट जाने की चेतावनी

जोधपुर के प्रसिद्ध म्यूजिकल ग्रुप 'रैपरिया बालम' ने साल 2020 में महाराणा प्रताप की शूरवीरता को नमन करते हुए इस 'शूरवीर' गाने की रचना की थी। ग्रुप ने 'मिर्जापुर' के निर्माताओं को बिना उचित अनुमति और गलत संदर्भ में गाने का इस्तेमाल करने पर कॉपीराइट नोटिस थमा दिया है।

ग्रुप के सदस्य रघुवीर सिंह (जिन्हें स्टेज पर 'जागीरदार आरवी' के नाम से जाना जाता है) ने बताया कि फिल्म के क्लाइमेक्स में एक ड्रग एडिक्ट विलेन की बहादुरी दिखाने के लिए उनके पवित्र गीत का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मेकर्स ने उनके लीगल नोटिस पर जल्द एक्शन नहीं लिया और गाना नहीं हटाया, तो वे कानूनी लड़ाई के लिए सीधे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। हालांकि, इस विवाद के बीच म्यूजिक लेबल 'ट्रूपर रिकॉर्ड्स' (Trouper Records) का दावा है कि फिल्म में गाने के इस्तेमाल के लिए लाइसेंस लिया गया था, लेकिन ओरिजिनल क्रिएटर्स का कहना है कि उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई और न ही उन्हें उचित क्रेडिट दिया गया।

'बॉलीवुड कर रहा राजस्थान की संस्कृति का अपमान'

इस मुद्दे पर रैपरिया बालम ग्रुप और राजस्थान के अन्य युवाओं में भारी रोष है। ग्रुप के सदस्य शिव नरेश ने बॉलीवुड पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि फिल्मी दुनिया अक्सर राजस्थान की संस्कृति और प्रतीकों का अपमान करती आई है। उन्होंने जनता से अपील की है कि महाराणा प्रताप के इस अपमान के खिलाफ सड़कों पर उतरकर कड़ा विरोध जताना होगा।

वहीं, ग्रुप के मुख्य रैपर अशोक ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा, "मेकर्स ने बिना पूछे ऐसे दृश्य पर गाना लगा दिया जहां हमारे आदर्श वीर पुरुष का सीधा-सीधा अपमान होता है। कम से कम एक बार हमसे पूछ तो लेते।"

रचनात्मकता बनाम ऐतिहासिक संवेदनशीलता की बहस

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर फिल्म निर्माताओं की 'क्रिएटिव लिबर्टी' और 'ऐतिहासिक संवेदनशीलता' के बीच की बहस को जिंदा कर दिया है। राजेंद्र राठौड़ ने आमजन से अपनी विरासत के सम्मान के लिए आगे आने की अपील की है। अब सबकी निगाहें सेंसर बोर्ड (CBFC) और मिर्जापुर के निर्माताओं के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना होगा कि बढ़ते विरोध के दबाव में फिल्म से यह विवादित हिस्सा हटाया जाता है या नहीं।

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