कलयुग का क्रूर दृश्य: चांदी के कड़ों के लिए बेटे ने रोका मां का अंतिम संस्कार

कोटपूतली-बहरोड़ जिले के लीलो का बास ढाणी में 15 मई 2025 को एक बेटे ने अपनी मृत मां के चांदी के कड़ों के लालच में अंतिम संस्कार रोक दिया। मां का शव चिता पर रखने से पहले वह चिता पर लेट गया और करीब दो घंटे तक हंगामा किया। ग्रामीणों के समझाने पर भी वह नहीं माना। अंततः चांदी के कड़े देने के बाद ही वह चिता से उठा, और अंतिम संस्कार हो सका। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसे लोग मानवता के लिए शर्मनाक बता रहे हैं।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
May 16, 2025 • 10:30 AM  2.6k
राजस्थान
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कलयुग का क्रूर दृश्य: चांदी के कड़ों के लिए बेटे ने रोका मां का अंतिम संस्कार
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16 May 2025
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कलयुग का क्रूर दृश्य: चांदी के कड़ों के लिए बेटे ने रोका मां का अंतिम संस्कार

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में एक ऐसी घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया, जो कलयुग के क्रूर चेहरे को बेनकाब करती है। एक बेटे ने अपनी मृत मां के चांदी के कड़ों के लालच में मां का अंतिम संस्कार रोक दिया। मां की चिता पर शव रखे जाने से पहले वह खुद चिता पर लेट गया और करीब दो घंटे तक हंगामा करता रहा। यह घटना न केवल मां की ममता को चांदी के कड़ों से तौलने की कोशिश थी, बल्कि रिश्तों के पतन का एक दुख है।"

यह शर्मनाक घटना 15 मई 2025 को कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विराटनगर क्षेत्र में लीलो का बास ढाणी में घटी। एक महिला की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। मृतका के दो बेटों के बीच मां के चांदी के कड़ों को लेकर विवाद शुरू हो गया। एक बेटे ने जिद पकड़ ली कि अंतिम संस्कार से पहले उसे चांदी के कड़े चाहिए। अपनी मांग पूरी न होने पर उसने मां का शव चिता पर रखने से पहले खुद चिता पर लेटकर हंगामा शुरू कर दिया।

दो घंटे तक वह चिता पर लेटा रहा, चीखता-चिल्लाता रहा और ग्रामीणों के बार-बार समझाने के बावजूद नहीं माना। उसकी एक ही जिद थी—चांदी के कड़े चाहिए, वरना वह अंतिम संस्कार नहीं होने देगा। आखिरकार, परिवार वालों को श्मशान में ही चांदी के कड़े लाकर देने पड़े। तब जाकर वह चिता से उठा, और मां की अंतिम विदाई की प्रक्रिया पूरी हो सकी।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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