सनस्क्रीन बना स्किनकेयर का सबसे जरूरी हिस्सा, विशेषज्ञों ने बताया रोजाना इस्तेमाल क्यों है अनिवार्य
एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन और मॉइस्चराइज़र का रोजाना उपयोग त्वचा को हानिकारक यूवी किरणों, समय से पहले होने वाली झुर्रियों, पिग्मेंटेशन और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं से बचाने के लिए बेहद जरूरी है। नियमित सनस्क्रीन उपयोग स्वस्थ और जवान त्वचा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आज के समय में त्वचा की देखभाल केवल सुंदर दिखने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह स्वास्थ्य से भी जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। त्वचा विशेषज्ञों और स्वास्थ्य संस्थानों का मानना है कि सनस्क्रीन का नियमित उपयोग त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और जवान बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। विशेष रूप से मेयो क्लिनिक जैसे प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान भी एसपीएफ (SPF) युक्त मॉइस्चराइज़र और सनस्क्रीन को दैनिक स्किनकेयर रूटीन का अनिवार्य हिस्सा बताते हैं।
सूर्य से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें त्वचा को कई प्रकार से नुकसान पहुंचा सकती हैं। इन किरणों के लगातार संपर्क में रहने से समय से पहले झुर्रियां, त्वचा पर दाग-धब्बे, पिग्मेंटेशन और त्वचा की लोच में कमी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। लंबे समय तक सुरक्षा के बिना धूप में रहने से स्किन कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
डर्मेटोलॉजिस्ट का कहना है कि केवल गर्मियों में ही नहीं, बल्कि हर मौसम में सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिए। बादलों वाले दिनों में भी यूवी किरणें त्वचा तक पहुंच सकती हैं, इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले कम से कम SPF 30 या उससे अधिक क्षमता वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक बाहर रहता है तो हर दो से तीन घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाना चाहिए।