कैटरिंग की आड़ में नाबालिगों को फंसाने का आरोप, कोडवर्ड से चलता था नेटवर्क..
अजमेर के दरगाह क्षेत्र में मानव तस्करी से जुड़े कथित गिरोह की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। आरोप है कि गिरोह कैटरिंग व्यवसाय की आड़ में नाबालिगों और जरूरतमंद लड़कियों से संपर्क बनाता था और कोडवर्ड के जरिए नेटवर्क चलाता था। पुलिस अब आरोपियों के संपर्क, आर्थिक गतिविधियों, संपत्तियों और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश कर रही है।
अजमेर। राजस्थान के अजमेर में मानव तस्करी से जुड़े एक मामले की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। दरगाह क्षेत्र के अंदरकोट इलाके से सामने आए इस मामले में जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और इसके तार किन-किन क्षेत्रों तक फैले हुए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर अपने अवैध नेटवर्क को छिपाने के लिए कुछ कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। प्रारंभिक जांच में ‘कटिंग’ जैसे शब्दों के जरिए सौदे और संपर्क से जुड़े संकेत देने की आशंका जताई गई है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की पुष्टि सबूतों के आधार पर कर रही है।
कैटरिंग काम के बहाने बनाया जाता था संपर्क