कल तक साथ निकले थे चार बेटे आज एक ही चिता पर उठी चार भाइयों की अर्थी, पिता की चीखों ने पूरे गांव को रुला दिया!

बालोतरा के पाटोदी क्षेत्र में रोडवेज बस और कार की भीषण टक्कर में एक ही परिवार के चार सगे भाइयों की मौके पर मौत हो गई। चारों भाई मजदूरी के लिए जा रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हुआ। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार पर आर्थिक व भावनात्मक संकट टूट पड़ा।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 18, 2026 • 12:10 PM  8
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राजस्थान
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कल तक साथ निकले थे चार बेटे आज एक ही चिता पर उठी चार भाइयों की अर्थी, पिता की चीखों ने पूरे गांव को रुला दिया!
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कल तक साथ निकले थे चार बेटे आज एक ही चिता पर उठी चार भाइयों की अर्थी, पिता की चीखों ने पूरे गांव को रुला दिया!

बालोतरा (राजस्थान):

राजस्थान के बालोतरा जिले के पाटोदी क्षेत्र के कोडूका गांव में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक ही परिवार के चार सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है और हर घर में सन्नाटा पसरा हुआ है।

काम पर जाते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, कोडूका गांव निवासी चार भाई — उदाराम (39), रेखाराम (35), जोगाराम (31) और विशनाराम (29) — रोज़ की तरह मजदूरी के लिए घर से निकले थे। बताया जा रहा है कि आमतौर पर ये अलग-अलग स्थानों पर काम करते थे, लेकिन इस बार सभी को एक ही जगह काम मिला था, इसलिए चारों एक साथ कार से रवाना हुए।

रास्ते में पाटोदी क्षेत्र के पास उनकी कार की एक रोडवेज बस से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चारों भाइयों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घर में खुशियों की जगह छा गया मातम

हादसे की सूचना पहले परिवार को सामान्य रूप से चोट लगने की बताई गई थी, लेकिन जैसे-जैसे सच्चाई सामने आई, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। खेत में काम कर रहे पिता भंवरलाल जब घर पहुंचे तो उन्हें एक-एक कर चारों बेटों की मौत की खबर मिली।

पिता की चीख-पुकार और दर्दनाक हालत देखकर वहां मौजूद ग्रामीण और रिश्तेदार भी भावुक हो गए। पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई और लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे, लेकिन कई लोग खुद भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।

मां की हालत गंभीर, गांव स्तब्ध

चार बेटों को एक साथ खोने के बाद मां की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। वह बार-बार यही कह रही है कि अब उसका जीवन किसके सहारे चलेगा। ग्रामीणों के अनुसार, यह परिवार मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता था और चारों बेटे ही घर की जिम्मेदारी संभालते थे।

परिवार पर टूटा आर्थिक और भावनात्मक संकट

मृतकों में तीन भाई शादीशुदा थे और उनके छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। परिवार में बुजुर्ग माता-पिता और अन्य सदस्य भी हैं, जिनकी पूरी जिम्मेदारी इन्हीं चारों भाइयों पर थी। एक ही झटके में चार कमाने वाले सदस्यों के चले जाने से परिवार न सिर्फ भावनात्मक रूप से टूट गया है, बल्कि आजीविका का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

गांव में पसरा सन्नाटा

कोडूका गांव में हर तरफ शोक का माहौल है। लोग इसे अब तक की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बता रहे हैं। गांववाले लगातार परिवार के साथ खड़े हैं और हर संभव मदद की बात कर रहे हैं।

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे की गंभीर याद दिलाता है, जहां एक पल की चूक ने चार जिंदगियां छीन लीं और पूरे परिवार को अंधेरे में धकेल दिया।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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