सरकारी डॉक्टर ने यूट्यूब से सीखी केमिस्ट्री और गांव में ही खोल दी MD ड्रग्स की फैक्ट्री
बालोतरा जिले में ANTF और पुलिस ने एमडी ड्रग्स (MD Drugs) की एक फैक्ट्री पकड़ी है। मुख्य आरोपी ने यूट्यूब से ड्रग्स बनाना सीखा और जालोर के एक सरकारी डॉक्टर के साथ मिलकर इसकी तस्करी कर रहा था। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।



राजस्थान के बालोतरा जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स (MD Drugs) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इस सिंडिकेट का सरगना यूट्यूब (YouTube) वीडियो देखकर ड्रग्स बना रहा था, और तैयार माल की डिलीवरी एक सरकारी डॉक्टर के जरिए की जा रही थी। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में ड्रग्स, केमिकल और नकदी जब्त की है।
यूट्यूब से सीखी 'ड्रग्स' बनाने की केमेस्ट्री
आईजी विकास कुमार के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मिठौड़ा गांव का रहने वाला सुरेश कुमार विश्नोई है। सुरेश ने पुलिस कॉन्स्टेबल, पटवारी, वनरक्षक और एसआई जैसी कई सरकारी भर्ती परीक्षाएं दीं, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद साल 2022 में वह बेंगलुरु चला गया, जहां उसने दवा सप्लाई का काम किया। वहां से ज्यादा कमाई न होने पर वह 2024 में अपने गांव लौट आया। ज्यादा मुनाफे के लालच में वह तस्करों के संपर्क में आया और उसने यूट्यूब से एमडी ड्रग्स बनाने की पूरी प्रक्रिया सीख ली। दवा सप्लाई के अपने पुराने अनुभव का फायदा उठाकर उसने केमिकल्स जुटाए और अपने घर में ही ड्रग्स की फैक्ट्री शुरू कर दी।
डॉक्टरी पेशे को बनाया तस्करी की ढाल
सुरेश ड्रग्स तो बना लेता था, लेकिन इसे सुरक्षित तरीके से बाजार तक पहुंचाना एक चुनौती थी। इसके लिए उसने अपने परिचित और जालोर जिला अस्पताल में तैनात सरकारी डॉक्टर मुकेश विश्नोई और एक अन्य साथी उत्कर्ष को अपने साथ मिला लिया। डॉ. मुकेश अपने पेशे का फायदा उठाता था, ताकि पुलिस या किसी अन्य को उस पर शक न हो। वह अपनी कार में ड्रग्स रखकर बेहद आसानी से जालोर, बालोतरा, सिवाना और आसपास के इलाकों में इसकी सप्लाई करता था।
कैसे हुई गिरफ्तारी और क्या-क्या हुआ बरामद?
ANTF को खुफिया जानकारी मिली थी कि सुरेश विश्नोई अपने घर पर एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री चला रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस और ANTF की टीम ने मिठौड़ा गांव स्थित उसके घर पर अचानक दबिश दी। कार्रवाई के वक्त डॉक्टर मुकेश और उत्कर्ष भी ड्रग्स की खेप खरीदने सुरेश के घर आए हुए थे और घर के बाहर एक छप्पर में बैठे थे। पुलिस ने तीनों को मौके से ही धर दबोचा।
पुलिस की रेड में मिली ये चीजें:
ड्रग्स: 3.764 किलो कच्ची एमडी।
केमिकल: 888 ग्राम '2-ब्रोमो 4-मैथापेलारिफिन' पाउडर और 800 ग्राम अन्य रसायन।
कैश और वाहन: 3 लाख 41 हजार 700 रुपए नकद और सप्लाई में इस्तेमाल होने वाली 1 कार।
उपकरण: इलेक्ट्रिक बिलौना मशीन, इंडक्शन चूल्हा, थर्मामीटर और कांच का बड़ा जार।
फिलहाल पुलिस और ANTF की टीम गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों (सुरेश, डॉ. मुकेश और उत्कर्ष) से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट को केमिकल की सप्लाई कहां से होती थी और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। इस भंडाफोड़ के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।












































