'चाचा मुझे भी साथ ले चलो...', रोते हुए मासूम की वो आखिरी जिद जिसने ले ली दोनों की जान

राजस्थान के जालोर में जन्माष्टमी की रात दर्दनाक हादसा। सड़क पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से बाइक टकराने से 25 साल के चाचा और डेढ़ साल के भतीजे की मौके पर मौत।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
September 5, 2026 • 5:49 PM  729
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'चाचा मुझे भी साथ ले चलो...', रोते हुए मासूम की वो आखिरी जिद जिसने ले ली दोनों की जान
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'चाचा मुझे भी साथ ले चलो...', रोते हुए मासूम की वो आखिरी जिद जिसने ले ली दोनों की जान

राजस्थान के जालोर जिले में जन्माष्टमी का त्योहार एक परिवार के लिए गहरा मातम लेकर आया। शुक्रवार रात एक भीषण सड़क हादसे में 25 साल के चाचा और उनके महज डेढ़ साल के भतीजे की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों बाजार से जन्माष्टमी का प्रसाद (मिठाई और फल) लेकर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनकी बाइक एक खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई।

अंधेरे में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली बनी काल

बिशनगढ़ थाना प्रभारी (SHO) मनोज कुमार ने बताया कि यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे मांडवला टोल नाके के पास हुआ। निबलाना गांव के रहने वाले दशरथ मेघवाल (25) अपने छोटे भतीजे हिमांशु के साथ बाइक से लौट रहे थे। टोल नाके के पास काफी अंधेरा था और वहां सड़क पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी थी। अंधेरे के कारण दशरथ को ट्रॉली दिखाई नहीं दी और उनकी बाइक सीधे उसमें जा घुसी। टक्कर इतनी भयानक थी कि चाचा-भतीजे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

रोते हुए बच्चे ने की थी चाचा के साथ जाने की जिद

इस हादसे का सबसे रुला देने वाला पहलू मासूम हिमांशु से जुड़ा है। दशरथ के चचेरे भाई पापाराम मेघवाल ने बताया कि डेढ़ साल का हिमांशु अपने चाचा दशरथ से बहुत घुला-मिला था और ज्यादातर समय उसी के पास रहता था। शुक्रवार रात जब दशरथ बाइक से प्रसाद लेने बाजार जा रहा था, तो हिमांशु उसे देखकर रोने लगा और साथ जाने की जिद करने लगा। मासूम की जिद पूरी करने के लिए चाचा उसे साथ ले गया, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह दोनों का आखिरी सफर होगा।

खेती करता था दशरथ, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

परिजनों के अनुसार, मृतक दशरथ ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी और वह गांव में रहकर खेती-बाड़ी का काम करता था। वहीं, मासूम हिमांशु के पिता चंपाराम भी किसान हैं। परिवार में हिमांशु के अलावा दो और भाई-बहन हैं। घर के युवा बेटे और आंगन में खेलने वाले मासूम की एक साथ मौत से पूरे निबलाना गांव में शोक की लहर है।

पुलिस ने जब्त किए वाहन, लापरवाही पर उठे सवाल

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शवों को मांडवला की मॉर्च्युरी में रखवाया। शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और सड़क पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस हादसे ने एक बार फिर रात के अंधेरे में सड़कों पर बिना पार्किंग लाइट या रिफ्लेक्टर के खड़े होने वाले भारी वाहनों की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे वाहन अक्सर पीछे से आ रहे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित होते हैं।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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