फर्जी पुलिस बनकर पूर्वमंत्री की बेटी के घर बोला धावा लाठियां-तोड़फोड़ कर स्कॉर्पियो से फरार.

श्रीगंगानगर में फर्जी पुलिस बनकर बदमाशों ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी की बेटी के घर धावा बोला। लाठियां-डंडे चलाए, परिवार को पीटा, CCTV तोड़ा, सामान उजाड़ा और पिस्टल तानकर DVR लूटने की कोशिश की। किराए की स्कॉर्पियो से रैकी कर आए थे, फिर उसी से फरार। पुलिस ने 3 पंजाबी आरोपियों (हरप्रीत, हरजोत, अमृतपाल) को गिरफ्तार किया। राजनीतिक साजिश की आशंका, CM से शिकायत।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
October 28, 2025 • 4:15 PM  38
क
क्राइम
NEWS CARD
Logo
फर्जी पुलिस बनकर पूर्वमंत्री  की बेटी के घर बोला धावा लाठियां-तोड़फोड़ कर स्कॉर्पियो से फरार.
“फर्जी पुलिस बनकर पूर्वमंत्री की बेटी के घर बोला धावा लाठियां-तोड़फोड़ कर स्कॉर्पियो से फरार.”
Favicon
Read more onthekhatak.com
28 Oct 2025
https://thekhatak.com/fake-police-ex-minister-daughter-home-attack-beating-vandalism-scorpio-escape
Google News
Copied
फर्जी पुलिस बनकर पूर्वमंत्री  की बेटी के घर बोला धावा लाठियां-तोड़फोड़ कर स्कॉर्पियो से फरार.

श्रीगंगानगर, 19 अक्टूबर 2025: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी की बेटी के घर रात के सन्नाटे में फर्जी पुलिसकर्मियों ने दहशत मचा दी। खुद को पुलिस का मतदाता सूची जांच अधिकारी बताकर घर में घुसे इन बदमाशों ने परिवार पर लाठियां-डंडे बरसाए, घर का सामान तोड़-फोड़ डाला और फिर किराए की स्कॉर्पियो गाड़ी से फरार हो गए। पुलिस ने घटना के चार दिन बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन पीड़ित परिवार अभी भी दहशत के साये में जी रहा है।घटना शनिवार रात (18 अक्टूबर) की है, जब सुरेंद्र पाल सिंह टीटी के दामाद और स्थानीय व्यापारी गुरुचरण सिंह रमाना अपने परिवार के साथ घर पर थे। रमाना पंजाबी हॉस्पिटल रोड स्थित 7-ई-18 में रहते हैं। अचानक दरवाजे पर दस्तक हुई और बाहर फर्जी पुलिसवालों ने खुद को 'मतदाता सूची जांच टीम' बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़े दस्तावेज चेक करने आए हैं। भरोसा करके रमाना ने दरवाजा खोला, लेकिन जैसे ही अंदर घुसे, इनका असली चेहरा सामने आ गया।बदमाशों ने लाठियों और डंडों से गुरुचरण सिंह रमाना पर हमला बोल दिया। न सिर्फ उन्हें पीटा, बल्कि उनके बेटे और बहू पर भी क्रूरता से लाठियां बरसाईं। घर में चीख-पुकार मच गई। हमलावरों का मकसद साफ था—घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर चुराना, ताकि कोई सबूत न बचे। उन्होंने रमाना से बार-बार डीवीआर की मांग की, लेकिन रमाना ने कुछ नहीं बताया। गुस्से में बदमाशों ने सीसीटीवी कैमरे तोड़ डाले, अलमारियां उजाड़ दीं और घर का सामान इधर-उधर बिखेर दिया। पीड़ितों के अनुसार, हमलावरों ने पिस्टल भी तान ली थी, जिससे परिवार की जान पर बन आई। शोरशराबे से पड़ोसी जुटे, तो बदमाश किराए की सफेद स्कॉर्पियो (अवध नंबर प्लेट) में सवार होकर भाग निकले।

पूर्व मंत्री टीटी का दर्द:

सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, जो भाजपा के दिग्गज नेता हैं और पहले कृषि व खान मंत्री रह चुके हैं, इस घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने बताया कि यह सुनियोजित साजिश लगती है। "मेरी बेटी का परिवार बेकसूर है, ये लोग राजनीतिक दुश्मनी निकाल रहे हैं।" टीटी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बात की है और सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित दामाद रमाना ने भी पुलिस को शिकायत दर्ज कराई, जिसमें लूटपाट का भी आरोप लगाया गया है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई:

 श्रीगंगानगर एसपी अमृता दुहन ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने विशेष टीम गठित की, जो सीसीटीवी फुटेज, गाड़ी के नंबर और स्थानीय खुफिया जानकारी पर काम कर रही थी। रविवार को रमाना के घर का दौरा करने के बाद पुलिस को सुराग मिला। जांच में पता चला कि स्कॉर्पियो किराए पर ली गई थी और रैकी पहले से की जा चुकी थी। सोमवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसके बयान पर बाकी दो भी पकड़े गए। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हरप्रीत सिंह, हरजोत सिंह और अमृतपाल सिंह हैं। ये पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह हो सकता है, जिसकी तहकीकात जारी है। एसपी दुहन ने कहा, "हमलावरों ने फर्जी वर्दी और आईडी कार्ड का इस्तेमाल किया। पूरी घटना का वीडियो सबूत के तौर पर सुरक्षित है।"

साजिश की आशंका: 

स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रीगंगानगर में राजनीतिक तनाव के चलते ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। टीटी के खिलाफ पुरानी दुश्मनी हो सकती है, क्योंकि वे श्रीकरणपुर उपचुनाव में हार चुके हैं। पुलिस ने आईपीसी की धारा 323 (मारपीट), 452 (घर में घुसपैठ), 427 (तोड़फोड़) और 506 (धमकी) के तहत केस दर्ज किया है। आगे आर्म्स एक्ट भी जोड़ा जा सकता है।यह घटना न सिर्फ एक परिवार की जिंदगी को हिला गई, बल्कि पूरे जिले में सुरक्षा की पोल खोल दी। पूर्व मंत्री जैसे बड़े नेता का परिवार भी असुरक्षित महसूस कर रहा है, तो आम आदमी की क्या हालत? पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी, लेकिन सवाल वही—क्या राजनीतिक रंजिश अब हिंसा का रूप ले रही है?

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter