"घर में घुसकर AK-47 से भून देंगे!" लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर पूर्व विधायक
राजस्थान के सिरोही से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को लॉरेंस गैंग के गुर्गे आरजू ने विदेशी नंबर से कॉल और मैसेज कर एके-47 से भूनने की धमकी दी है। पढ़ें पूरी खबर।



राजस्थान के सिरोही से पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने जान से मारने की धमकी दी है। 11 अक्टूबर 2026 को विदेशी नंबरों से आए वॉयस मैसेज में गैंग के गुर्गे ने खुद को 'आरजू' बताते हुए खुली चुनौती दी है। ऑडियो मैसेज में कहा गया है, "तुम चाहे जितनी सुरक्षा बढ़ा लो, घर में घुसकर स्टेनगन और एके-47 से भून देंगे।" इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद राजस्थान पुलिस, एसओजी (SOG) और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है।
सितंबर में भी रची गई थी हत्या की साजिश
यह पहला मौका नहीं है जब संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कोशिश की गई हो। इससे पहले 20 सितंबर 2026 को जोधपुर में एसओजी और एजीटीएफ ने नेपाल बॉर्डर से आए दो शार्प शूटर्स—जसकरण सिंह और राजेंद्र सिंह उर्फ बिल्ला—को गिरफ्तार किया था। इन दोनों ने पूर्व विधायक के फार्म हाउस की पूरी रेकी कर ली थी। हालांकि, निकाय चुनावों के चलते फार्म हाउस पर मौजूद भारी भीड़ के कारण वे अपने नापाक मंसूबों को अंजाम नहीं दे सके।
लॉरेंस गैंग के निशाने पर क्यों हैं संयम लोढ़ा?
पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच में धमकियों के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण सामने आ रहे हैं:
गैंग के 'बिजनेस मॉडल' की पोल खोलना: संयम लोढ़ा ने कुछ समय पहले एनआईए (NIA) की चार्जशीट का हवाला देते हुए खुलासा किया था कि कई प्रभावशाली लोग, राजनेता और वीआईपी सिर्फ पुलिस सुरक्षा और गनमैन पाने के लिए खुद लॉरेंस गैंग को मोटी रकम देकर धमकियां मांगते हैं। इस बयान से व्यापारियों में खौफ कम होने लगा था, जिससे गैंग के अवैध वसूली (रंगदारी) के धंधे पर सीधी चोट पड़ रही थी।
तस्करी के नेटवर्क पर प्रहार: सिरोही और पाली का सीमावर्ती इलाका अवैध शराब, हथियार और ड्रग्स तस्करी का बड़ा रूट माना जाता है। पूर्व विधायक इस रूट पर सक्रिय तस्करों और स्थानीय बदमाशों के खिलाफ लगातार आक्रामक रहे हैं, जो सिंडिकेट को रास नहीं आ रहा।
राजनीतिक या निजी दुश्मनी का एंगल: जांच एजेंसियां इस बात की भी गहनता से पड़ताल कर रही हैं कि कहीं किसी स्थानीय राजनीतिक या व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वी ने संयम लोढ़ा को रास्ते से हटाने के लिए लॉरेंस गैंग को सुपारी या लॉजिस्टिक सपोर्ट तो नहीं दिया है।
कनाडा और दुबई से जुड़े तार, लोकल नेटवर्क की तलाश तेज
11 अक्टूबर को आए तीन इंटरनेशनल कॉल्स और वॉयस नोट्स वर्चुअल नंबरों से किए गए थे। साइबर एक्सपर्ट्स की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क को दुबई या कनाडाई आईपी एड्रेस से संचालित किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर विदेश में बैठे गैंग के गुर्गे आरजू से जुड़ा है। पुलिस अब सिरोही, पाली और जोधपुर के उन स्थानीय अपराधियों की कुंडली खंगाल रही है, जिन्होंने नेपाल से आए शूटर्स को पनाह दी और पूर्व विधायक की आवाजाही का सटीक इनपुट लीक किया।
'मैं डरने वाला नहीं' - संयम लोढ़ा
लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा का हौसला कम नहीं हुआ है। उनका कहना है, "पुलिस अपना काम कर रही है और पता लगाएगी कि धमकियां देने वाले कौन हैं। मैं इन सबसे डरने वाला नहीं हूं।" वे वर्तमान में पंचायती राज चुनावों और अपने जनसंपर्क अभियानों में जनता के बीच पूरी तरह सक्रिय हैं।
इससे पहले मार्च 2024 में भी लोढ़ा ने जेलों से संचालित हो रहे गैंग्स के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया था। उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई द्वारा जेल से दिए गए टीवी इंटरव्यू को सुरक्षा तंत्र के मुंह पर तमाचा बताया था और कहा था कि जब तक जेल में बैठे इन आकाओं के फोन बंद नहीं होंगे, तब तक सड़कों पर अपराध कम नहीं हो सकता।
सुमेरपुर सदर थाने में इस मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जिसे सुरक्षा कारणों से 'हिडन' रखा गया है। सिरोही एसपी के अनुसार मामला अब एसओजी और एजीटीएफ के हाथ में है और पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार पूर्व विधायक की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।











































