सोनम वांगचुक की तबीयत पर अस्पताल का हेल्थ बुलेटिन जारी, हालत स्थिर लेकिन 24 घंटे निगरानी में
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने भूख हड़ताल पर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर हेल्थ बुलेटिन जारी किया है।
भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में शनिवार को सुनवाई हुई। अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया, लेकिन फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि वांगचुक लगभग 17-18 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति और पहले दिए गए न्यायिक आदेशों को देखते हुए सरकार द्वारा उन्हें अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को पहली नजर में मनमाना नहीं कहा जा सकता।
सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण शरीर में गंभीर चिकित्सकीय जोखिम पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर लगातार वांगचुक की निगरानी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है।
एम्स के डॉक्टरों की ओर से अदालत को बताया गया कि सोनम वांगचुक ने शुगर-फ्री ओआरएस और पोटैशियम की दवा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन वह अब भी नस (IV) के जरिए तरल पदार्थ लेने से इनकार कर रहे हैं। सरकार ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें एम्स स्थानांतरित करने पर भी विचार किया जा सकता है।
वहीं, सोनम वांगचुक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि ऐसा कोई मेडिकल रिकॉर्ड नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें जबरन अस्पताल ले जाना जरूरी हो। उन्होंने कहा कि वांगचुक किसी आपराधिक मामले में हिरासत में नहीं हैं और उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल में भर्ती की व्यवस्था भी कर ली गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि वांगचुक हिरासत में नहीं हैं और उनके परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने की अनुमति दी गई है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि वह डॉक्टरों को उपचार देने या मरीज को उपचार लेने के लिए बाध्य करने का कोई निर्देश नहीं दे रही है।
इस बीच, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पति की मेडिकल रिपोर्ट सामान्य थी और उनकी तबीयत नहीं बिगड़ी थी। उन्होंने पूछा कि यदि सरकार वास्तव में स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थी तो सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भेजकर उन्हें सख्ती से स्ट्रेचर पर क्यों ले जाया गया।
अब इस मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को तीन दिन के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा। हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को करेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को लेकर राजनीतिक समर्थन लगातार बढ़ रहा है। रविवार को कई राजनीतिक नेताओं ने छात्रों की मांगों पर केंद्र सरकार से बातचीत करने और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग उठाई। वहीं, 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।
नवीन पटनायक ने केंद्र से की बातचीत की अपील
बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार से अपील की कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे छात्रों से सार्थक बातचीत की जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अवसर मिलना चाहिए और संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
संजय सिंह ने संसद में चर्चा की मांग उठाई
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि उन्होंने राज्यसभा सभापति से पेपर लीक और सोनम वांगचुक की मांगों पर संसद में चर्चा कराने का आग्रह किया है।
पत्नी गीतांजलि आंगमो का भावुक लेख
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने एक अखबार में प्रकाशित लेख में कहा कि सोनम कोई सामान्य प्रदर्शनकारी नहीं, बल्कि एक शिक्षक हैं, जिन्होंने वर्षों तक बच्चों के लिए वैकल्पिक शिक्षा पर काम किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण यह स्थिति इलाज से ज्यादा नजरबंदी जैसी महसूस हो रही है।
मनीष सिसोदिया भी होंगे प्रदर्शन में शामिल
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की है। इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने का विरोध जता चुके हैं।
CJP का बड़ा दावा
CJP ने दावा किया है कि प्रदर्शन स्थल पर कुछ ऐसे लोग पहुंचे हैं जो आंदोलन को भटकाने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। संगठन ने समर्थकों से सतर्क रहने और किसी भी भड़काऊ गतिविधि से दूर रहने की अपील की है।
बेंगलुरु में भी हुआ प्रदर्शन
रविवार को बेंगलुरु में भी 100 से अधिक समर्थकों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च की अनुमति नहीं दी
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद तक प्रस्तावित मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि संसद क्षेत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश करेंगे तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है।
20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च
इस बीच सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर 20 जुलाई को "आजादी का दूसरा आंदोलन" बताते हुए समर्थकों से संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने पेपर लीक जैसे मामलों और अपनी कथित अवैध हिरासत का भी उल्लेख किया।
Sonam Wangchuk Protest Update: संसद मार्च से पहले बढ़ी हलचल, दिल्ली से बेंगलुरु तक प्रदर्शन
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे आंदोलन को लेकर लगातार नए अपडेट सामने आ रहे हैं। सोमवार को प्रस्तावित संसद मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, बेंगलुरु में भी CJP समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। दूसरी ओर, सफदरजंग अस्पताल ने वांगचुक की सेहत पर नया हेल्थ अपडेट जारी किया है।
बेंगलुरु में भी प्रदर्शन
रविवार को बेंगलुरु में 100 से अधिक CJP समर्थकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में नारे लगाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च की अनुमति नहीं दी
दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि संसद तक मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि संसद क्षेत्र अति संवेदनशील है और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश करेगा तो उसे हिरासत में लिया जा सकता है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ाई गई
संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के 100 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
CJP का दावा- पुलिस को पहले ही दी थी सूचना
CJP की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने कहा कि संसद मार्च की जानकारी काफी पहले ही दिल्ली पुलिस को दे दी गई थी। उन्होंने पुलिस के उस दावे को गलत बताया, जिसमें कहा गया था कि संगठन ने मार्च की पूर्व सूचना नहीं दी।
दीपके बोले- आंदोलन जारी रहेगा
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि भूख हड़ताल बेहद कठिन होती है, लेकिन आंदोलन अपने निर्णायक दौर में है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि संसद मार्च तक आंदोलन जारी रखा जाए।
सोनम वांगचुक का संदेश
सोनम वांगचुक की ओर से सोशल मीडिया पर साझा संदेश में 20 जुलाई को "आजादी का दूसरा आंदोलन" बताया गया। संदेश में समर्थकों से संसद मार्च में शामिल होने की अपील की गई।
सेहत पर नया अपडेट
सफदरजंग अस्पताल के अनुसार सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे उपवास के कारण उन्हें लगातार मेडिकल निगरानी में रखा गया है। अस्पताल ने बताया कि कुछ ब्लड पैरामीटर सामान्य से अलग हैं और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इलाज को लेकर विवाद जारी
वहीं, वांगचुक के निजी डॉक्टर और CJP नेताओं ने अस्पताल की प्रक्रिया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिवार ने भी मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद रविवार को उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर आधिकारिक हेल्थ बुलेटिन जारी किया गया। अस्पताल के मुताबिक वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे समय तक भूखे रहने के कारण उन्हें लगातार चिकित्सकीय देखभाल और 24 घंटे निगरानी में रखा गया है।
अस्पताल ने क्या कहा?
अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक के सभी महत्वपूर्ण जीवन रक्षक संकेत (वाइटल पैरामीटर) सामान्य और स्थिर हैं। हालांकि, लंबे समय तक उपवास के कारण उनके कुछ रक्त संबंधी पैरामीटर में बदलाव दर्ज किया गया है।
अस्पताल के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। किसी भी संभावित जटिलता से बचने के लिए उन्हें निरंतर उपचार और 24 घंटे क्लिनिकल ऑब्जर्वेशन में रखना आवश्यक माना गया है।