NSG की नौकरी से ड्रग्स नेटवर्क तक! जोधपुर में गिरफ्तार पूर्व कमांडो से पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे

जोधपुर में ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार पूर्व NSG कमांडो से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार वह असम राइफल्स और बाद में NSG में सेवा के दौरान पूर्वोत्तर के तस्करों के संपर्क में आया और छुट्टियों में कथित तौर पर नशीले पदार्थों की खेप लेकर आता था। आरोपी को 12 दिन की रिमांड पर लिया गया है। उसके पास से 1.60 करोड़ रुपये से अधिक नकदी मिलने के बाद आयकर समेत अन्य एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। पुलिस उसकी कंपनियों, आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 19, 2026 • 12:59 PM | Jodhpur 2
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NSG की नौकरी से ड्रग्स नेटवर्क तक! जोधपुर में गिरफ्तार पूर्व कमांडो से पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
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NSG की नौकरी से ड्रग्स नेटवर्क तक! जोधपुर में गिरफ्तार पूर्व कमांडो से पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे

जोधपुर। मादक पदार्थ तस्करी के मामले में गिरफ्तार पूर्व NSG कमांडो से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी सरकारी सेवा के दौरान ही तस्करों से संपर्क बना लिया था और छुट्टी पर घर लौटते समय कथित तौर पर नशीले पदार्थों की खेप भी साथ लेकर आता था। वर्दीधारी होने के कारण उस पर आसानी से किसी को संदेह नहीं होता था।

पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 12 दिन के रिमांड पर लिया है, ताकि उससे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और अन्य सहयोगियों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा सके।

असम राइफल्स में तैनाती के दौरान बना संपर्क

डीसीपी ईस्ट मनीष चौधरी के अनुसार आरोपी वर्ष 2008 में असम राइफल्स में भर्ती हुआ था और बाद में 2017 में NSG में शामिल हुआ। जांच में सामने आया कि पूर्वोत्तर भारत में तैनाती के दौरान उसका संपर्क कथित ड्रग्स तस्करों से हुआ। इसके बाद वह छुट्टी पर घर लौटते समय सीमित मात्रा में नशीले पदार्थ लेकर आता और स्थानीय नेटवर्क के जरिए उनकी सप्लाई कराता था।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक वर्ष 2021 में नागालैंड में ब्राउन शुगर से जुड़े मामले में आरोपी गिरफ्तार हुआ था। इस घटना के बाद उसे NSG से सेवा से हटा दिया गया। करीब 40 दिन जेल में रहने के बाद बाहर आने पर उसने कथित तौर पर फिर से तस्करी का नेटवर्क सक्रिय कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मादक पदार्थों की खेप मुख्य रूप से मणिपुर क्षेत्र से लाई जाती थी।

ट्रेन के जरिए लाता था खेप, लोकल नेटवर्क से होती थी सप्लाई

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अधिकांश मामलों में वह ट्रेन के माध्यम से खेप लेकर आता था। जोधपुर पहुंचने के बाद स्थानीय संपर्कों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर इसकी सप्लाई कराई जाती थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

कई कंपनियां और ठेकों की भी जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कई फर्म और कंपनियां बना रखी थीं। पुलिस को आशंका है कि इनका इस्तेमाल अवैध कमाई को वैध दिखाने या आर्थिक लेन-देन के लिए किया जाता था। सूत्रों के अनुसार आरोपी ने सोलर परियोजनाओं और जल जीवन मिशन से जुड़े पाइप सप्लाई जैसे कार्यों में भी ठेके ले रखे थे। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है।

1.60 करोड़ से अधिक नकदी मिलने के बाद अन्य एजेंसियां भी सक्रिय

आरोपी के पास से 1 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब आयकर विभाग समेत अन्य संबंधित एजेंसियां भी उसकी आय के स्रोत, कंपनियों और वित्तीय लेन-देन की जांच करेंगी।

नेटवर्क की पूरी परतें खंगालने में जुटी पुलिस

पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि में आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी। जांच का फोकस मादक पदार्थों की सप्लाई चेन, सहयोगियों, वित्तीय नेटवर्क और संभावित लाभार्थियों की पहचान पर है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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