मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के खिलाफ बड़ा दावा किया है। ईरान का कहना है कि उसने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैन्य विमानों और ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है। ईरान के अनुसार यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा हाल ही में ईरानी क्षेत्रों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर दावा किया कि हमले में अमेरिका के कई एयर-टैंकर (रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट) और लड़ाकू विमान नष्ट हो गए, जबकि कई अन्य विमानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
IRGC ने जॉर्डन के नागरिकों से भी अमेरिकी हितों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।
सीरिया के अल-तनफ बेस पर हमले का भी दावा
ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने सीरिया में स्थित अल-तनफ में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन कमांड सेंटर को भी निशाना बनाया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार यह हमला ईरानी सैनिकों की मौत के जवाब में किया गया।
हालांकि इस दावे पर अब तक अमेरिकी सेना या सीरिया की सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इराक में भी धमाकों की खबर
उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र के शहर इरबिल और सुलेमानियाह में भी धमाकों की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वायु रक्षा प्रणाली ने कई हमलों को नाकाम किया।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक हमलों में ईरानी कुर्द संगठन कोमाला को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत और कई अन्य के घायल होने की खबर है। हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है।
कतर और कुवैत पर भी हमले का दावा
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों कतर और कुवैत की दिशा में भी मिसाइलें दागीं। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कुवैत के एक बिजली और समुद्री जल शुद्धिकरण (डिसेलिनेशन) संयंत्र को नुकसान पहुंचा है।
इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
ईरान के कई शहरों में हमलों की खबर
इस बीच, अमेरिका द्वारा ईरान के विभिन्न क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई जारी रहने की भी खबरें हैं। अहवाज, केश्म, बुशेहर, दश्ती, बोस्तान, सीरिक, बंदर-ए-लेंगेह, बंदर अब्बास और बंदर-ए-खामिर सहित कई इलाकों में विस्फोटों की सूचना मिली है।
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।