ईरान युद्ध के बीच भारत के लिए बड़ी राहत, मौत के कुएं 'होर्मुज स्ट्रेट' को पार कर गुजरात पहुंचा पहला भारतीय LNG टैंकर 'दिशा'
ईरान युद्ध के बीच भारत के लिए बड़ी राहत। माल्टा के झंडे वाला भारतीय एलएनजी टैंकर 'दिशा' दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते 'होर्मुज स्ट्रेट' को सुरक्षित पार कर गुजरात के दाहेज पोर्ट पहुंच गया है।
करीब साढ़े तीन महीने से जारी ईरान युद्ध और खाड़ी देशों में फैले भारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बेहद बड़ी और राहत देने वाली खबर आई है। शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के कंसोर्टियम द्वारा प्रबंधित और माल्टा के झंडे वाला विशालकाय एलएनजी (LNG) टैंकर 'दिशा' दुनिया के सबसे खतरनाक और संवेदनशील समुद्री रास्ते 'होर्मुज स्ट्रेट' को सुरक्षित पार करके शुक्रवार सुबह गुजरात के दाहेज पोर्ट पर पहुंच गया है।
गुजरात के भरूच बंदरगाह प्राधिकरण ने पुष्टि करते हुए बताया कि 'LNGC दिशा' सुबह दाहेज बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच चुका है और फिलहाल यह पेट्रोनेट एलएनजी जेटी पर लंगर डाले खड़ा है। यह जहाज अपने साथ 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी का विशाल कार्गो लेकर आया है।
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज पार करने वाला पहला भारतीय जहाज
28 फरवरी को जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले शुरू किए थे, तो ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण 'होर्मुज स्ट्रेट' को पूरी तरह बंद कर दिया था। इस वजह से खाड़ी देशों से होने वाली भारत की गैस आपूर्ति अधर में लटक गई थी।