जेल में बिगड़ी इमरान खान की तबीयत! सुप्रीम कोर्ट का 48 घंटे में अस्पताल शिफ्ट करने का बड़ा आदेश

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें 48 घंटे के भीतर शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने उनके इलाज के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड के गठन का निर्देश देते हुए परिवार से मुलाकात को उनका मौलिक अधिकार बताया है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
August 18, 2026 • 4:50 PM  7
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जेल में बिगड़ी इमरान खान की तबीयत! सुप्रीम कोर्ट का 48 घंटे में अस्पताल शिफ्ट करने का बड़ा आदेश

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बिगड़ती सेहत को लेकर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने जेल प्रशासन को आदेश दिया है कि इमरान खान को 48 घंटे के भीतर शिफा इंटरनेशनल अस्पताल (Shifa International Hospital) में ट्रांसफर किया जाए। इसके साथ ही उनकी पूरी स्वास्थ्य जांच के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड के गठन का भी निर्देश दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच—जिसमें जस्टिस शाहिद वहीद (अध्यक्ष), जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल थे—ने इमरान के इलाज और परिवार से मुलाकात से जुड़ी याचिकाओं पर यह सुनवाई की।

क्या है इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट में?

सुनवाई के दौरान अडियाला जेल के सुपरिंटेंडेंट ने इमरान की दो पेज की मेडिकल समरी पेश की। पूरी रिपोर्ट न देने पर जस्टिस शाहिद वहीद ने जेल प्रशासन पर कड़ी नाराजगी जताई।

मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं:

  • ब्लड प्रेशर: उनका हालिया ब्लड प्रेशर 140/80 दर्ज किया गया है (जो फरवरी में 120/80 था)।

  • हृदय और मानसिक स्वास्थ्य: उनके दिल की धड़कन तेज रहने और काफी मानसिक तनाव की शिकायत सामने आई है।

  • आंखों की समस्या: इमरान को 'सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन' (Central Retinal Vein Occlusion) नाम की आंखों की बीमारी है। हालांकि, इलाज के बाद उनकी प्रभावित आंख की रोशनी अब लगभग सामान्य हो गई है।

  • मेडिकल चेकअप: रिपोर्ट में बताया गया है कि 4 नवंबर 2023 से 10 अगस्त 2026 के बीच उनके 39 मेडिकल चेकअप हो चुके हैं।

मेडिकल बोर्ड करेगा आगे के इलाज का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की गहन जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है।

  • बोर्ड में कौन होगा? इस बोर्ड में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ-साथ इमरान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी शामिल किया जाएगा।

  • क्या करेगा बोर्ड? यह बोर्ड उनकी पुरानी रिपोर्ट्स की जांच करेगा, ब्लड क्लॉट बनने के कारणों का पता लगाएगा और यह तय करेगा कि आगे का इलाज जेल में ही हो सकता है या उन्हें अस्पताल में भर्ती रखना जरूरी है।

पूर्व राष्ट्रपति की चिंता: इमरान की ताजा मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने चेताया है कि आने वाले तीन महीने इमरान की सेहत के लिए बेहद अहम होंगे।

परिवार से मुलाकात कोई 'एहसान' नहीं

अदालत ने इमरान खान की उनके परिवार से मुलाकात न होने पर भी कड़ा रुख अपनाया। जस्टिस शाहिद वहीद ने स्पष्ट किया कि बहनों से मुलाकात कराना कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका मौलिक अधिकार है।

कोर्ट ने जेल प्रशासन से निम्नलिखित जानकारियां तलब की हैं:

  • पिछले तीन सालों में इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई सभी मुलाकातों का रिकॉर्ड।

  • इमरान के बेटों से उनकी बातचीत और कॉल डिटेल्स (CDR) की पूरी जानकारी।

सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी: "सेहत पर न हो राजनीति"

सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को भी सख्त हिदायत दी है। जस्टिस नईम अख्तर अफगान ने कहा कि इमरान की मेडिकल स्थिति को राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए और पार्टी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस पर कोई राजनीति न हो।

जेल में क्यों बंद हैं इमरान खान?

73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं।

  • उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा होने पर गिरफ्तार किया गया था।

  • इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह जैसे कई मामले दर्ज हुए।

  • हालांकि उन्हें सिफर और इद्दत मामलों में अदालत से राहत मिल चुकी है और तोशाखाना की एक सजा पर भी रोक लग गई है, लेकिन अन्य लंबित मामलों के कारण वह अब भी अडियाला जेल में बंद हैं।

इमरान खान और उनकी पार्टी (PTI) का आरोप है कि 2022 में सत्ता से हटने के बाद उन्हें चुनाव और राजनीति से दूर रखने के लिए यह सब राजनीतिक साजिश के तहत किया जा रहा है। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियों का कहना है कि यह केवल एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।

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