बारिश आई तो सामने आ गई बड़ी लापरवाही! अब सबसे बड़ा सवाल प्रशासन से
बाड़मेर में मानसून की पहली बारिश ने राहत के साथ बड़ी परेशानी भी खड़ी कर दी है। शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया, जबकि ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जल निकासी और आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन के दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पहली बारिश ने बाड़मेर की खोली हकीकत, शहर से गांव तक बढ़ी मुश्किलें
बाड़मेर। मरुधरा के बाड़मेर जिले में मानसून की पहली अच्छी बारिश ने जहां भीषण गर्मी और लंबे सूखे से राहत पहुंचाई है, वहीं शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई नई परेशानियां भी खड़ी कर दी हैं। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव हो गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पहली ही बारिश में नगर परिषद और जिला प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
कई कॉलोनियों में जलभराव, लोगों का जनजीवन प्रभावित
बारिश के बाद बाड़मेर शहर के निचले इलाकों और कई नई कॉलोनियों में सड़कों, गलियों और खाली भूखंडों में पानी जमा हो गया। कई स्थानों पर घरों के बाहर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में हालात बिगड़ जाते हैं। कई इलाकों में सड़कें छोटे तालाब जैसी दिखाई देने लगीं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।