राजस्थानी भाषा की पहचान के लिए जीवनभर लड़े केसी मालू... अकाल पीड़ितों के लिए करवाई थी लता मंगेशकर नाइट, जुटाए थे 1 करोड़ रुपए

राजस्थानी लोकसंगीत और संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने वाले वीणा कैसेट्स के संस्थापक केसी मालू का हार्ट अटैक से निधन हो गया।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 14, 2026 • 11:37 AM  4
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राजस्थान
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राजस्थानी भाषा की पहचान के लिए जीवनभर लड़े केसी मालू... अकाल पीड़ितों के लिए करवाई थी लता मंगेशकर नाइट, जुटाए थे 1 करोड़ रुपए
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राजस्थानी भाषा की पहचान के लिए जीवनभर लड़े केसी मालू... अकाल पीड़ितों के लिए करवाई थी लता मंगेशकर नाइट, जुटाए थे 1 करोड़ रुपए

राजस्थानी लोकसंगीत और संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने वाले वीणा कैसेट्स (Veena Cassettes) के संस्थापक केसी मालू का सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजस्थान के कला, साहित्य, संगीत और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

उनका अंतिम संस्कार मंगलवार शाम 4:30 बजे किया जाएगा। अंतिम यात्रा शांति पथ स्थित मालू हाउस, पार्श्वनाथ कॉलोनी, निर्माण नगर से रवाना होकर पुरानी चुंगी मोक्षधाम पहुंचेगी।

राजस्थानी संस्कृति को जीवनभर समर्पित किया

वर्ष 1946 में चूरू जिले के सुजानगढ़ में जन्मे केसी मालू ने अपना पूरा जीवन राजस्थानी भाषा, लोकसंगीत और लोक कलाकारों के संरक्षण व प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया।

उन्होंने वीणा कैसेट्स की स्थापना कर हजारों राजस्थानी लोकगीत, भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारंपरिक संगीत रिकॉर्ड किए। उनके प्रयासों की बदौलत राजस्थान की लोकधुनें देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंचीं।

संगीत के क्षेत्र में उन्होंने अनेक नए कलाकारों को पहचान दिलाई और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराया।

राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने के आंदोलन में निभाई अहम भूमिका

केसी मालू केवल संगीत तक सीमित नहीं रहे। वे लंबे समय तक राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के आंदोलन से जुड़े रहे।

इस उद्देश्य से उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी और राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग रखी थी।

1987 की ऐतिहासिक 'लता मंगेशकर नाइट' से जुटाए थे एक करोड़ रुपये

केसी मालू के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में वर्ष 1987 का ऐतिहासिक आयोजन भी शामिल है।

राजस्थान में पड़े भीषण अकाल के दौरान उन्होंने जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में 'लता मंगेशकर नाइट' का आयोजन कराया। इस कार्यक्रम में स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने बिना कोई फीस लिए प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में रिकॉर्ड 26 गीत प्रस्तुत किए गए और उस समय करीब 1.01 करोड़ रुपये राहत कार्यों के लिए जुटाए गए। कार्यक्रम में मोहम्मद अजीज, नितिन मुकेश और उषा मंगेशकर ने भी अपनी प्रस्तुति दी थी।

बाद में इस राशि का चेक तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी को सौंपा गया।

लोकसंगीत के संरक्षण में ऐतिहासिक योगदान

केसी मालू ने अपने जीवनकाल में:

  • 5,000 से अधिक राजस्थानी लोकगीतों का संग्रह और रिकॉर्डिंग करवाई।
  • 221 राजस्थानी विवाह गीतों का विशाल शोध कार्य किया।
  • विवाह गीतों पर दो बड़े ग्रंथ प्रकाशित किए।
  • इन गीतों की 24 ऑडियो-वीडियो सीडी तैयार कर डिजिटल रूप में संरक्षित किया।
  • 'घूमर', 'चीरमी' और 'कांगसियो' जैसे लोकप्रिय राजस्थानी एल्बमों का निर्माण किया।
  • 'सुर-संगम' संस्था और 'वीणा म्यूजिक' के माध्यम से अनेक लोक कलाकारों को मंच दिया।
  • महान संगीतकार नौशाद के साथ मिलकर राजस्थानी लोकसंगीत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।

राजस्थान रत्न सहित कई बड़े सम्मान मिले

लोककला और संस्कृति के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए केसी मालू को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

उन्हें मिले प्रमुख सम्मान:

  • राजस्थान रत्न अवॉर्ड
  • समग्र कला साधना अवॉर्ड
  • डागर घराना अवॉर्ड
  • अन्य कई सांस्कृतिक सम्मान

इन पुरस्कारों के माध्यम से उनके दशकों लंबे सांस्कृतिक योगदान को सम्मानित किया गया।

एक सप्ताह पहले अशोक गहलोत से हुई थी मुलाकात

बताया जा रहा है कि निधन से लगभग एक सप्ताह पहले केसी मालू ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उनके निवास पर मुलाकात की थी।

उनके निधन पर अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन संगीत और संस्कृति को समर्पित किया तथा राजस्थानी संगीत को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई।

कई दिग्गजों ने जताया शोक

केसी मालू के निधन पर कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • ग्रैमी अवॉर्ड विजेता विश्वमोहन भट्ट
  • पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
  • भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़
  • केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
  • कला, साहित्य और सामाजिक जगत की अनेक हस्तियां

विश्वमोहन भट्ट ने उन्हें राजस्थानी लोकसंगीत का महान संरक्षक बताते हुए कहा कि उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।

राजस्थानी संस्कृति के लिए हमेशा याद किए जाएंगे केसी मालू

केसी मालू ने सिर्फ संगीत तैयार नहीं किया, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित किया। उन्होंने हजारों लोकगीतों को दस्तावेज़ और ऑडियो के रूप में संरक्षित किया, नए कलाकारों को अवसर दिए और राजस्थानी संगीत को वैश्विक मंच तक पहुंचाया।

उनका निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि राजस्थानी लोकसंगीत के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत माना जा रहा है। संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा।

Kashish Sain

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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