'मुझे अपनी पत्नी बनाओ...' लिव-इन पार्टनर की इस जिद से घबराया आशिक दे दी मौत!
मध्य प्रदेश के भिंड में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां लिव-इन पार्टनर सत्यप्रकाश ने नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को यूपी के इटावा स्थित पचनदा नदी में फेंक दिया। हत्यारा इतना शातिर था कि उसने खुद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।



मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक बेहद खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली मर्डर मिस्ट्री सामने आई है। यहां एक सिरफिरे प्रेमी ने अपनी लिव-इन पार्टनर (नर्सिंग ऑफिसर) की 50 किलोमीटर दूर ले जाकर बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने के लिए उसने शव को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पांच नदियों के संगम (पचनदा) में फेंक दिया।
कातिल इतना शातिर था कि हत्या के बाद खुद ही थाने पहुंचकर प्रेमिका की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी और उसकी तलाश के पर्चे भी छपवा दिए। हालांकि, पुलिस की सख्ती के आगे उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
शॉपिंग के बहाने ले गया, फिर रास्ते में घोंट दिया गला
आरोपी सत्यप्रकाश ने स्नेहलता को रास्ते से हटाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची। उसने स्नेहलता से कहा कि उसे कानपुर में कॉलेज का कुछ काम है और इसी बहाने वह उसे वहां शॉपिंग भी करवाएगा। स्नेहलता उसके झांसे में आ गई। रवाना होने से पहले उसने अपनी एक सहकर्मी को फोन पर कानपुर जाने की बात भी बताई थी, लेकिन उसे नहीं पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा।
सत्यप्रकाश इस ट्रिप में अपने साथ एंबुलेंस चालक राजवीर खत्रा और एक अन्य साथी को भी ले गया था। रास्ते में 50 किलोमीटर दूर जाकर उन्होंने स्नेहलता को तड़पा-तड़पा कर मौत के घाट उतार दिया।
कत्ल की असली वजह: 10 महीने का बेटा और पत्नी का दर्जा
यह पूरा विवाद एक बच्चे और पत्नी का दर्जा पाने की जिद से शुरू हुआ था। दरअसल, बिहार के नालंदा की रहने वाली स्नेहलता पढ़ाई के दौरान भिंड के एक निजी कॉलेज में काम करने वाले सत्यप्रकाश (निवासी- जोशी नगर, भिंड) के संपर्क में आई थी।
सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था, लेकिन उसकी पहली पत्नी से कोई संतान नहीं थी।
वह स्नेहलता के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगा। करीब 10 महीने पहले स्नेहलता ने एक बेटे को जन्म दिया।
8 अक्टूबर को सत्यप्रकाश ने उस बेटे को अपनी पहली पत्नी के पास छोड़ दिया।
इधर, स्नेहलता अपने बेटे को वापस मांग रही थी और साथ ही सत्यप्रकाश पर दबाव बना रही थी कि वह उसे समाज में 'पत्नी' के रूप में स्वीकार करे। सत्यप्रकाश इसके लिए तैयार नहीं था, जिसके चलते उसने खौफनाक कदम उठाया।
पुलिस को चकमा देने के लिए खेला ड्रामा
हत्या के बाद सत्यप्रकाश सीधा भिंड सिटी कोतवाली पहुंचा और पुलिस को बताया कि स्नेहलता लापता हो गई है। उसने बाकायदा आवेदन देकर गुमशुदगी दर्ज कराई और शहर में पोस्टर भी लगवाए। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को उसकी हरकतों पर शक हुआ। जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो सत्यप्रकाश टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
मगरमच्छ और घड़ियालों का डर, शव की तलाश जारी
भिंड कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य ने बताया कि आरोपी सत्यप्रकाश की निशानदेही पर पुलिस टीम उसे लेकर गुरुवार को इटावा के पचनदा पहुंची। गोताखोरों की मदद से नदी में शव की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, पचनदा का इलाका बेहद बीहड़ है। यहां पांच नदियां मिलती हैं और इस पानी में भारी संख्या में खतरनाक घड़ियाल और मगरमच्छ मौजूद हैं। पुलिस को आशंका है कि इन जलीय जीवों ने शव को नुकसान पहुंचाया होगा।
पिता का रो-रोकर बुरा हाल, बोले- 'ब्राह्मण बताकर फंसाया'
बेटी की हत्या की खबर सुनते ही स्नेहलता के परिजन बिहार के नालंदा से भिंड पहुंच गए हैं। मृतका के पिता संजय पांडेय ने आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, "सत्यप्रकाश ने खुद को ब्राह्मण बताकर मेरी बेटी को अपने जाल में फंसाया था। कुछ साल तक साथ रखने के बाद उसने मेरी बेटी को बेरहमी से मार डाला। मैं प्रशासन से मांग करता हूं कि इस दरिंदे के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।" फिलहाल पुलिस शव की बरामदगी के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।












































