'वोट चोरी' के खिलाफ प्रदर्शन, ममता बनर्जी, केजरीवाल और विजयन हिरासत में
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे INDIA गठबंधन के कई बड़े नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनमें ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन शामिल हैं।



मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों के गठबंधन 'INDIA' का भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे विपक्ष और छात्र संगठनों के कई प्रमुख नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए नेताओं में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं।
ममता बनर्जी का मुंह पर पट्टी बांधकर अनोखा विरोध
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी अपने सांसदों के साथ मध्य दिल्ली के साउथ एवेन्यू से जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। इसके बाद वह एक बस स्टैंड पर ही धरने पर बैठ गईं। विरोध दर्ज कराने के लिए उन्होंने अपने मुंह पर बैंड-एड (पट्टी) लगा रखा था।
पुलिस ने ममता बनर्जी और डेरेक ओ'ब्रायन व डोला सेन सहित उनके पांच सांसदों को हिरासत में ले लिया। पुलिस बस के अंदर से जारी एक वीडियो बयान में ममता बनर्जी ने कहा, "सरकार हमारे साथ दुर्व्यवहार कर रही है। INDIA गठबंधन लोगों की आवाज को मजबूत करने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।"
केजरीवाल और विजयन भी पुलिस हिरासत में
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। सुबह से ही केजरीवाल के आवास को दिल्ली पुलिस ने घेर रखा था। जैसे ही वह प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अपने घर से बाहर निकले, पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।
दूसरी ओर, सीपीएम (CPM) नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के साथ-साथ सांसद जॉन ब्रिटास को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम स्थित डिटेंशन सेंटर भेज दिया है।
राष्ट्रपति से मुलाकात और 'वोट चोरी' का आरोप
इससे पहले शुक्रवार शाम को INDIA गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग की थी। विपक्षी नेताओं ने 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाते हुए पिछले दो वर्षों में हुए सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग रखी।
बैठक के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया था कि वह "हैरान" हैं क्योंकि राष्ट्रपति ने 'चुनाव चोरी' के आरोपों से इनकार नहीं किया। हालांकि, बाद में सूत्रों ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी का यह दावा पूरी तरह से गलत था कि राष्ट्रपति ने उनके दावों को स्वीकार कर लिया है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा विपक्ष
विपक्ष इस मुद्दे को लेकर अब कानूनी लड़ाई की तैयारी भी कर रहा है। राहुल गांधी ने जानकारी दी है कि विपक्षी दल अपने सभी विकल्पों का इस्तेमाल करना चाहते हैं। इसी कड़ी में INDIA गठबंधन के नेता सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपेंगे। इसके साथ ही, चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं के खिलाफ सोमवार को विपक्ष ने एक और बड़े राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का भी ऐलान किया है।












































