'नेताओं को रिहा करो, नहीं तो कल से शुरू होगा अनिश्चितकालीन अनशन - सोनम वांगचुक

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी है कि यदि दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेताओं को रविवार तक नहीं छोड़ा गया, तो वे अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। उन्होंने इसे 'अघोषित आपातकाल' बताया है।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
October 10, 2026 • 11:05 PM  45
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'नेताओं को रिहा करो, नहीं तो कल से शुरू होगा अनिश्चितकालीन अनशन - सोनम वांगचुक

मशहूर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने शनिवार को ऐलान किया कि यदि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेताओं को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वे अनिश्चितकालीन अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करेंगे। वांगचुक ने पुलिस की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए देश के मौजूदा हालात को "अघोषित आपातकाल" करार दिया है।

क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा है विरोध?

यह पूरा विवाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बुलाए गए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। CJP ने मतदाता सूची में कथित हेरफेर के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन की योजना बनाई थी। इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई। हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब दिल्ली पुलिस ने विरोध को दबाने के लिए कई प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया।

वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही शांति और एकजुटता की अपील की थी, लेकिन उन्होंने यह कल्पना नहीं की थी कि बात नेताओं की गिरफ्तारी तक पहुँच जाएगी।

विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला

दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके के साथ-साथ कई पूर्व मुख्यमंत्रियों और प्रमुख विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है। इस कदम ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों व नागरिकों की स्वतंत्रता को कुचलने का गंभीर आरोप लगाया है।

वांगचुक दिल्ली के प्रदर्शन में क्यों नहीं हो सके शामिल?

सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वे इस प्रदर्शन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सकते, क्योंकि वे इन दिनों उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आगामी सर्दियों की अहम तैयारियों में जुटे हुए हैं। वह वर्तमान में जल सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए 'कृत्रिम ग्लेशियर' (Artificial Glaciers) विकसित करने के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, वह ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड्स (GLOFs) के खतरों को कम करने के लिए अहम शोध कर रहे हैं। वांगचुक ने चेतावनी दी कि हिमालय में 200 से अधिक खतरनाक ग्लेशियर झीलें हैं, और उनके इस काम का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय समुदायों की जान बचाने से है।

शांति बनाए रखने और गांधी जी के मार्ग पर चलने की अपील

अपनी चेतावनी के बावजूद, वांगचुक ने युवाओं और विभिन्न समूहों के नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने महात्मा गांधी की विरासत का उल्लेख करते हुए प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि वे किसी भी कीमत पर शांति भंग न होने दें और ऐसा कोई भी कदम न उठाएं जिससे 'राष्ट्रपिता' को निराशा हो।

अब सभी की निगाहें रविवार पर टिकी हैं; यह देखना अहम होगा कि क्या प्रशासन हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा करता है, या सोनम वांगचुक अपने ऐलान के मुताबिक बड़े आंदोलन की शुरुआत करते हैं।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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