राजस्थान में हर दिन 41 नए ब्रेस्ट कैंसर मरीज: महिला विशेषज्ञों की भारी कमी, हर साल 6 हजार से ज्यादा महिलाओं की मौत

राजस्थान में ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हर दिन औसतन 41 नए मरीज सामने आ रहे हैं, जबकि हर साल 6 हजार से अधिक महिलाओं की इस बीमारी से मौत हो रही है।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 18, 2026 • 11:50 AM  3
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राजस्थान
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राजस्थान में हर दिन 41 नए ब्रेस्ट कैंसर मरीज: महिला विशेषज्ञों की भारी कमी, हर साल 6 हजार से ज्यादा महिलाओं की मौत
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राजस्थान में हर दिन 41 नए ब्रेस्ट कैंसर मरीज: महिला विशेषज्ञों की भारी कमी, हर साल 6 हजार से ज्यादा महिलाओं की मौत

राजस्थान में ब्रेस्ट कैंसर तेजी से महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। हर दिन औसतन 41 नए मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन समय पर जांच और विशेषज्ञ इलाज की कमी के कारण अधिकांश महिलाएं बीमारी की अंतिम स्टेज में अस्पताल पहुंच रही हैं। नतीजतन, प्रदेश में हर साल 6 हजार से अधिक महिलाओं की मौत ब्रेस्ट कैंसर से हो रही है।

महिला डॉक्टरों की भारी कमी

प्रदेश के 33 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े उपचार के लिए केवल 7 महिला विशेषज्ञ डॉक्टर कार्यरत हैं। इनमें सबसे अधिक विशेषज्ञ जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज और स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में हैं, जबकि कई मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में एक भी महिला कैंसर विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाएं पुरुष डॉक्टरों के सामने अपनी समस्या बताने में झिझक महसूस करती हैं। इसी कारण बीमारी की पहचान देर से होती है और मरीज गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचते हैं।

विशेषज्ञों के अधिकांश पद खाली

राज्य में कैंसर विशेषज्ञों के 99 स्वीकृत पदों में से केवल 25 पदों पर ही डॉक्टर कार्यरत हैं। मेडिकल ऑन्कोलॉजी के महज 10 प्रतिशत पद ही भरे हुए हैं। प्रदेश की अधिकांश जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में कैंसर के इलाज की प्रभावी व्यवस्था नहीं है।

हर साल बढ़ रहे हैं मरीज

विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान में हर वर्ष करीब 15 हजार नए ब्रेस्ट कैंसर के मरीज सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद अधिकांश जिलों में न तो समर्पित ब्रेस्ट कैंसर सेंटर हैं और न ही पर्याप्त विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।

स्क्रीनिंग व्यवस्था पर भी सवाल

ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए स्क्रीनिंग सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि, प्रदेश में स्क्रीनिंग के आंकड़े तेजी से बढ़ने के बावजूद इलाज की सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। कई जगहों पर स्क्रीनिंग के दौरान अल्ट्रासाउंड और विशेषज्ञ रिपोर्टिंग जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।

मौत के आंकड़े लगातार बढ़े

स्वास्थ्य विभाग और कैंसर रजिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर से होने वाली मौतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।

  • 2021: 5,690 मौतें
  • 2022: 6,002 मौतें
  • 2023: 6,330 मौतें
  • 2024: 6,674 मौतें
  • 2025: 6,752 मौतें

ये आंकड़े बताते हैं कि समय पर जांच, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और बेहतर इलाज की व्यवस्था बढ़ाना अब बेहद जरूरी हो गया है।

Kashish Sain

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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