जिस उम्र में मां-बाप संजोते हैं बेटे के भविष्य के सपने, उसी उम्र में उठी 19 साल के इकलौते बेटे की अर्थी

जोधपुर के बासनी स्थित एसआर हैंडीक्राफ्ट में आग बुझाते समय केमिकल ड्रम फटने से डूंगरपुर के 19 वर्षीय ट्रेनी फायर फाइटर प्रितेश परमार की मौत हो गई। वह 90% तक झुलस गए थे।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor
September 26, 2026 • 10:30 PM  137
र
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
जिस उम्र में मां-बाप संजोते हैं बेटे के भविष्य के सपने, उसी उम्र में उठी 19 साल के इकलौते बेटे की अर्थी
“जिस उम्र में मां-बाप संजोते हैं बेटे के भविष्य के सपने, उसी उम्र में उठी 19 साल के इकलौते बेटे की अर्थी”
Favicon
Read more on thekhatak.com/s/3f90f6
26 Sep 2026
https://thekhatak.com/s/3f90f6
Google News
Copied
जिस उम्र में मां-बाप संजोते हैं बेटे के भविष्य के सपने, उसी उम्र में उठी 19 साल के इकलौते बेटे की अर्थी

जोधपुर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र में हुए भयानक अग्निकांड ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली हैं। लोगों की जान बचाने का जज्बा लिए फायर फाइटर बनने की ट्रेनिंग ले रहे 19 वर्षीय होनहार युवक प्रितेश परमार का शनिवार सुबह निधन हो गया। बुधवार को एक हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हुए जोरदार धमाके में वह करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गया था।

पिता की राह पर चल रहा था परिवार का इकलौता चिराग

डूंगरपुर जिले के चुंडावाड़ा इलाके के लांबाभाटड़ा गांव निवासी प्रितेश परमार के पिता, धुलेश्वर परमार, पिछले 25 वर्षों से भी अधिक समय से डूंगरपुर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड में लीडिंग फायरमैन के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपने पिता को आदर्श मानते हुए प्रितेश ने भी उसी राह पर चलने का फैसला किया था। दो बड़ी बहनों के इस इकलौते भाई ने भी फायर फाइटर बनने का सपना संजोया था, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने परिवार के सारे सपने राख कर दिए।

yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter