पिता के साथ जली तीन बेटों की चिता, जयपुर ट्रेलर हादसे के बाद राजसमंद गांव में पसरा मातम

जयपुर में बेकाबू ट्रेलर की चपेट में आने से पिता और उसके तीन बेटों की मौत के बाद राजसमंद के जेतपुरा गांव में चारों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ पिता और तीन बेटों की चिता जलने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे में मृतक की पत्नी गंभीर रूप से घायल है, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने परिजनों से बात कर संवेदना व्यक्त की।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 8, 2026 • 9:00 PM  3
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राजस्थान
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पिता के साथ जली तीन बेटों की चिता, जयपुर ट्रेलर हादसे के बाद राजसमंद गांव में पसरा मातम
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पिता के साथ जली तीन बेटों की चिता, जयपुर ट्रेलर हादसे के बाद राजसमंद गांव में पसरा मातम

राजसमंद जिले के जेतपुरा गांव में बुधवार का दिन बेहद गमगीन रहा। जयपुर के दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पिता और उनके तीन मासूम बेटों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। एक ही चिता पर पिता और बेटों की विदाई का मंजर देखकर पूरे गांव की आंखें नम हो गईं। गांव में शोक का ऐसा माहौल था कि कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला। अंतिम यात्रा में शामिल हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े।

दरअसल, मंगलवार सुबह जयपुर के अजमेर रोड स्थित 200 फीट चौराहे के पास एक बेकाबू ट्रेलर सड़क किनारे बस का इंतजार कर रहे परिवार पर चढ़ गया। हादसे में चंद्रप्रकाश बागरिया (40) और उनके तीन बेटे गोपाल (11), रमेश (10) और दीपक (8) इसकी चपेट में आ गए। तीनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चंद्रप्रकाश ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

हादसे में चंद्रप्रकाश की पत्नी कैलाशी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके दोनों पैर ट्रेलर की चपेट में आने से बुरी तरह कुचल गए हैं और उनका अस्पताल में इलाज जारी है।

गांव में मचा कोहराम

बुधवार को जब चारों के शव जेतपुरा गांव पहुंचे तो पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीण बड़ी संख्या में परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे, लेकिन खुद भी अपने आंसू नहीं रोक सके। नम आंखों और भारी मन से पिता और तीनों बेटों को अंतिम विदाई दी गई।

झाड़ू बनाकर चलाता था परिवार

मृतक के बड़े भाई मीठालाल ने बताया कि चंद्रप्रकाश जयपुर में झाड़ू बनाने और बेचने का काम करता था। परिवार वैशाली नगर के गांधी पथ स्थित फुटपाथ पर रहता था और वहीं झाड़ू बनाकर अपना गुजर-बसर करता था। मंगलवार सुबह पूरा परिवार राजसमंद लौटने के लिए बस का इंतजार कर रहा था, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।

उन्होंने बताया कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। चंद्रप्रकाश के दो बेटे अब जीवित हैं, जिनमें एक 17 वर्षीय दिव्यांग है और दूसरा 15 साल का है। तीन बेटों और परिवार के मुखिया की एक साथ मौत के इस सदमे से उबर पाना बेहद मुश्किल है।

कुछ ही मिनटों में उजड़ गया पूरा परिवार

 परिवार सुबह करीब 8:10 बजे बस का इंतजार कर रहा था। कुछ देर बाद परिवार के सदस्य पास के होटल से पानी लेकर आए। उन्होंने वहां से गुजर रही कई गाड़ियों से लिफ्ट भी मांगी, लेकिन कोई नहीं रुका। सुबह करीब 8:46 बजे तेज रफ्तार ट्रेलर रेलिंग तोड़ते हुए सड़क किनारे बैठे परिवार पर चढ़ गया। महज कुछ सेकंड में पूरा परिवार हादसे का शिकार हो गया।

हादसे के बाद चालक फरार

दुर्घटना के बाद ट्रेलर चालक और खलासी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर श्याम नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों और मृतकों को नाले से बाहर निकाला गया। बाद में क्रेन की सहायता से ट्रेलर को सड़क से हटाया गया।

ओम बिरला ने जताया शोक

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी मृतक चंद्रप्रकाश के बड़े भाई मीठालाल से फोन पर बात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। यह हादसा न केवल एक परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए ऐसा जख्म बन गया है, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा। पिता और तीन मासूम बेटों की एक साथ हुई मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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