1 साल से था फरार, अब पुलिस की घेराबंदी में फंसा 15 हजार का इनामी

बालोतरा जिले की आरजीटी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए एक साल से फरार 15 हजार रुपए के इनामी डोडा-पोस्त तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से सप्लायर नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
October 24, 2026 • 4:30 PM  120
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1 साल से था फरार, अब पुलिस की घेराबंदी में फंसा 15 हजार का इनामी
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1 साल से था फरार, अब पुलिस की घेराबंदी में फंसा 15 हजार का इनामी

बालोतरा जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। आरजीटी पुलिस और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (डीएसटी) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डोडा-पोस्त तस्करी के मामले में एक साल से फरार चल रहे वांटेड आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस तस्कर पर 15 हजार रुपए का इनाम रखा हुआ था।

एक साल से पुलिस को दे रहा था चकमा

बालोतरा एसपी राजेश कुमार कॉवत ने बताया कि जिले में वांटेड और इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत साल 2025 में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट में दर्ज एक मामले में आरोपी जूजाराम पुत्र जोराराम (निवासी ढेलाणी नाडी, खारडी बेरी) लंबे समय से फरार था। पुलिस की टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन वह हर बार चकमा देकर भागने में सफल हो रहा था। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उस पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।

गांव में छिपे होने की मिली गुप्त सूचना

एएसपी हरफूल सिंह और गुड़ामालानी डीएसपी सुमेर सिंह के सुपरविजन में डीएसटी प्रभारी ओमाराम और आरजीटी थानाधिकारी किशोरसिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी जूजाराम अपने ही गांव में छिपा हुआ है। सूचना की तस्दीक होने पर डीएसटी और आरजीटी थाने की टीम ने गांव में संयुक्त रूप से दबिश दी और घेराबंदी कर इनामी आरोपी को डिटेन कर लिया।

सप्लायर नेटवर्क का होगा खुलासा

फिलहाल पुलिस आरोपी जूजाराम को गिरफ्तार कर उससे कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से अवैध डोडा-पोस्त की खरीद-फरोख्त, उसके सप्लायर नेटवर्क, तस्करी में शामिल अन्य लोगों और इस पूरे अवैध कारोबार से जुड़े सिंडिकेट के संबंध में अहम खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किन-किन लोगों ने पनाह दी थी।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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