'रैली टाल दें राहुल जी, वरना...', 10 हजार करोड़ दांव पर लगने से डरे दिल्ली के व्यापारियों ने लिखी चिट्ठी

सीटीआई (CTI) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की मेगा रैली को दिवाली और भाई दूज (10 नवंबर) तक टालने की अपील की है ताकि त्योहारी सीजन के कारोबार पर असर न पड़े।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
October 24, 2026 • 2:21 PM  166
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'रैली टाल दें राहुल जी, वरना...', 10 हजार करोड़ दांव पर लगने से डरे दिल्ली के व्यापारियों ने लिखी चिट्ठी
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'रैली टाल दें राहुल जी, वरना...', 10 हजार करोड़ दांव पर लगने से डरे दिल्ली के व्यापारियों ने लिखी चिट्ठी

दिल्ली के प्रमुख व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को पत्र लिखा है। इस पत्र में 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की मेगा रैली को 10 नवंबर (भाई दूज) के बाद तक टालने का आग्रह किया गया है। व्यापारियों का कहना है कि धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान रैली की वजह से होने वाले ट्रैफिक डायवर्जन और पुलिस बैरिकेडिंग से राजधानी में लगभग 10,000 करोड़ रुपये के व्यापार पर असर पड़ सकता है। सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल के अनुसार, व्यापारी साल के सबसे व्यस्त कारोबारी सीजन की तैयारी कर रहे हैं। इस वर्ष 6 नवंबर को धनतेरस, 8 नवंबर को दिवाली और 10 नवंबर को भाई दूज है।

रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में 20 प्रमुख बाजार

संगठन ने बताया कि रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, नया बाजार, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट और कश्मीरी गेट सहित 20 प्रमुख थोक और खुदरा बाजार स्थित हैं। ये कमर्शियल हब न केवल दिल्ली बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी माल की सप्लाई करते हैं। 1 नवंबर को रैली होने से रास्तों के बंद होने, मेट्रो स्टेशनों पर संभावित प्रतिबंध और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण इन बाजारों का कारोबार तीन से चार दिनों के लिए पूरी तरह से ठप हो सकता है।

केवल धनतेरस पर 25,000 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद

व्यापारियों के अनुसार, शहर की अर्थव्यवस्था के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण है। केवल धनतेरस के दिन ही पूरी दिल्ली में लगभग 25,000 करोड़ रुपये के व्यापार की उम्मीद है। इसमें सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, ऑटोमोबाइल, बर्तन, मिठाई और गिफ्ट्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। त्योहारी खरीदारी आमतौर पर धनतेरस से लगभग एक सप्ताह पहले शुरू हो जाती है।

रेलवे स्टेशनों पर भीड़भाड़ और पिछले नुकसान का भी हवाला

पत्र में रामलीला मैदान के पास पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों की नजदीकी का भी जिक्र किया गया है। हर दिन बड़ी संख्या में व्यापारी और खरीदार इन स्टेशनों के जरिए राजधानी आते हैं। सीटीआई को डर है कि रैली के कारण होने वाली संभावित भीड़भाड़ से दूसरे शहरों के खरीदार दिल्ली आने से बचेंगे। संगठन ने यह भी बताया कि अक्टूबर में मध्य दिल्ली, कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के आसपास विभिन्न विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के कारण व्यापारियों को पहले ही लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

'लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान, लेकिन व्यापारियों का भी रखा जाए ध्यान'

सीटीआई ने स्पष्ट किया है कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध प्रदर्शन के अधिकार का पूरी तरह सम्मान करते हैं। हालांकि, उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए दिवाली और भाई दूज तक प्रमुख बाजार क्षेत्रों में बड़ी रैलियां करने से बचें। संगठन ने उम्मीद जताई है कि राहुल गांधी व्यापारियों की इन चिंताओं पर विचार करेंगे और 1 नवंबर की रैली को रीशेड्यूल करेंगे।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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