राजस्थान हाईकोर्ट से रविन्द्र सिंह भाटी को अंतरिम राहत, कथित धमकी मामले की FIR पर अगली सुनवाई तक रोक..

राजस्थान हाईकोर्ट ने शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को कथित धमकी मामले में अंतरिम राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर अगली सुनवाई तक आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत ने मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए राज्य सरकार और अन्य पक्षों से जवाब भी मांगा है। यह मामला सोशल मीडिया टिप्पणी के बाद कथित फोन पर धमकी देने के आरोप से जुड़ा है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 9, 2026 • 4:48 PM  10
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राजस्थान हाईकोर्ट से रविन्द्र सिंह भाटी को अंतरिम राहत, कथित धमकी मामले की FIR पर अगली सुनवाई तक रोक..
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राजस्थान हाईकोर्ट से रविन्द्र सिंह भाटी को अंतरिम राहत, कथित धमकी मामले की FIR पर अगली सुनवाई तक रोक..

जोधपुर। बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज कथित आपराधिक धमकी के मामले में फिलहाल आगे की पुलिस कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत ने मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब भी तलब किया है। अब अगली सुनवाई तक इस एफआईआर के आधार पर कोई आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

विधायक ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती

विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने बाड़मेर के शिव थाने में दर्ज एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि उनके खिलाफ दर्ज मामला तथ्यों के अनुरूप नहीं है और इसे राजनीतिक कारणों से दर्ज कराया गया है।

क्या हैं शिकायतकर्ता के आरोप?

शिकायतकर्ता छोटू सिंह का आरोप है कि 27 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे विधायक ने उन्हें फोन कर धमकी दी। उनका यह भी कहना है कि इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कुछ अन्य लोगों ने भी उन्हें और उनके भाई को फोन कर जान-माल के नुकसान और बदनाम करने की धमकी दी। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया था।

हाईकोर्ट में क्या दलील दी गई?

विधायक की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि एफआईआर राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और इसमें लगाए गए आरोप भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) और 351(3) के तहत आपराधिक धमकी का प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनाते। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि कथित घटना के लगभग पांच दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जबकि देरी का कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया गया। इससे शिकायत की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।

अदालत ने क्या कहा?

दोनों पक्षों की शुरुआती दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि मामले में विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है। इसी आधार पर कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा तथा अगली सुनवाई तक एफआईआर से जुड़ी सभी आगे की कार्यवाहियों पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया।

कैसे शुरू हुआ था पूरा विवाद?

इस पूरे विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक बच्चे के वीडियो पर की गई टिप्पणी से हुई थी। शिकायतकर्ता छोटू सिंह ने एक कमेंट किया था, जिसके बाद उनका आरोप है कि विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने उन्हें फोन कर धमकी दी। इस घटनाक्रम के बाद मामला तूल पकड़ गया और रावणा राजपूत समाज के लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन और शक्ति प्रदर्शन किया। उस दौरान समाज की ओर से राजनीतिक विरोध और चुनाव में बहिष्कार जैसी चेतावनियां भी दी गई थीं।

फिलहाल क्या स्थिति है?

हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर पुलिस कोई आगे की कार्रवाई नहीं कर सकेगी। अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और अन्य पक्षों के जवाब के बाद अदालत आगे का निर्णय करेगी।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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