पति की हत्या के केस में जेल पहुंची सीमा को हुआ प्यार...अब मंडोर ओपन जेल में होगा विवाह, हाईकोर्ट ने दी अनुमति

राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे दो सजायाफ्ता कैदियों को विवाह की अनुमति दी है।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 16, 2026 • 11:45 AM  5
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राजस्थान
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पति की हत्या के केस में जेल पहुंची सीमा को हुआ प्यार...अब मंडोर ओपन जेल में होगा विवाह, हाईकोर्ट ने दी अनुमति
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पति की हत्या के केस में जेल पहुंची सीमा को हुआ प्यार...अब मंडोर ओपन जेल में होगा विवाह, हाईकोर्ट ने दी अनुमति

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अनोखे और महत्वपूर्ण फैसले में जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में सजा काट रहे दो उम्रकैद कैदियों को विवाह करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश के बाद अब जेल परिसर में ही मंडप सजेगा, पंडित मंत्रोच्चार करेंगे और दोनों वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लेंगे।

खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि दो बालिग व्यक्तियों का अपनी इच्छा से विवाह करना संविधान के तहत मिले व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है। इसलिए जेल प्रशासन को नियमों के अनुसार विवाह कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईकोर्ट ने दी शादी की मंजूरी

यह आदेश जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने मूलाराम की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट के समक्ष दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाह की इच्छा जताई थी। राज्य सरकार ने भी अपनी रिपोर्ट में इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

कौन है मूलाराम?

मूलाराम नागौर जिले के अरसिंगा गांव का रहने वाला है। वर्ष 2017 में खेत विवाद के बाद पड़ोसी युवक की हत्या के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2023 में हत्या, साक्ष्य मिटाने और संपत्ति के दुरुपयोग के मामले में दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। पिछले दो वर्षों से वह जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में सजा काट रहा है।

ओपन जेल में हुई मुलाकात, फिर हुआ प्यार

दूसरी ओर सीमा, जो मुंबई की रहने वाली है, करीब डेढ़ साल पहले जोधपुर महिला जेल से ओपन जेल में स्थानांतरित हुई थी। दोनों ओपन जेल में खेती का काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच परिचय हुआ, जो समय के साथ प्रेम में बदल गया। बाद में दोनों ने विवाह करने का फैसला किया।

फिलहाल सीमा 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर है।

पति की हत्या के मामले में काट रही है उम्रकैद

सीमा की शादी वर्ष 2016 में जोधपुर निवासी कौशल राज अरोड़ा से हुई थी। आरोप है कि शादी के करीब दो महीने बाद उसने सोते समय पति की धारदार हथियार से हत्या कर दी। घटना को चोरी का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में मामला खुल गया। वर्ष 2019 में अदालत ने सीमा को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

21 लोगों को मिलेगी शादी में शामिल होने की अनुमति

हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि विवाह समारोह में पंडित सहित दोनों पक्षों के अधिकतम 21 परिजन शामिल हो सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर जेल प्रशासन अपने विवेक से अतिरिक्त लोगों को भी अनुमति दे सकेगा।

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि विवाह की तिथि पहले से प्रशासन को बताई जाएगी। सुरक्षा, अनुशासन और ओपन जेल की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी नियमों का पालन करना होगा। शादी का पूरा खर्च दोनों पक्ष स्वयं वहन करेंगे।

सामाजिक पुनर्वास की दिशा में अहम फैसला

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि यह विवाह दोनों कैदियों के सामाजिक पुनर्वास में सहायक होगा। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि कानून की सीमाओं के भीतर रहते हुए दो बालिग व्यक्तियों को विवाह करने का अधिकार प्राप्त है।

Kashish Sain

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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