कार के पैसों के लिए बेटे ने ग्राइंडर से काटा पिता का गला
महाराष्ट्र के पालघर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कार खरीदने के लिए पैसे नहीं देने पर बेटे ने राजस्थान (पाली) के रहने वाले अपने कारोबारी पिता मोहनलाल परमार की इलेक्ट्रिक ग्राइंडर से हत्या कर दी।



महाराष्ट्र के पालघर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक बेटे ने महज नई कार के पैसों की खातिर अपने ही पिता को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने हत्या के लिए टाइल काटने वाली इलेक्ट्रिक ग्राइंडर मशीन का इस्तेमाल किया और बेरहमी से पिता का गला रेत दिया।
30 साल से महाराष्ट्र में रह रहा था परिवार
मृतक की पहचान 59 वर्षीय मोहनलाल परमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान में पाली जिले के देसूरी गांव के रहने वाले थे। वे पिछले करीब 30 सालों से महाराष्ट्र के पालघर पूर्व स्थित नवली रामनगर में सपरिवार रह रहे थे और दादर इलाके में उनकी बर्तनों की दुकान है।
रविवार शाम करीब 5 बजे मोहनलाल और उनका मंझला बेटा मुकेश (25) फ्लैट पर अकेले थे। पुलिस के मुताबिक, मुकेश नई कार खरीदने के लिए पिता से पैसों की मांग कर रहा था। जब मोहनलाल ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो दोनों के बीच तीखी बहस हुई। इसके बाद गुस्से में मुकेश बाहर गया और एक हार्डवेयर की दुकान से इलेक्ट्रिक ग्राइंडर खरीद लाया, जिससे उसने अपने पिता का गला काट दिया।
फोन नहीं उठा तो हुआ खौफनाक मंजर का खुलासा
घटना के वक्त मोहनलाल की पत्नी पवनी देवी अपनी बीमार सास की देखभाल और नवरात्रि के चलते पैतृक गांव देसूरी गई हुई थीं। परिवार के अन्य दो बेटे (बड़ा और छोटा) दुकान पर मौजूद थे।
छोटे बेटे भावेश ने किसी काम से पिता को फोन किया। जब कई बार घंटी बजने के बाद भी फोन नहीं उठा, तो उसे चिंता हुई। भावेश ने अपने एक दोस्त को फ्लैट पर जाकर पिता को देखने के लिए कहा। दोस्त जब वहां पहुंचा तो कमरे का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। मोहनलाल का लहूलुहान शव फर्श पर पड़ा था। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
ट्रेन से भागते वक्त गुजरात में दबोचा गया आरोपी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मुकेश मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया और आरोपी की तलाश शुरू की।
तकनीकी जांच और सुरागों के आधार पर पुलिस को मुकेश की लोकेशन गुजरात के भरूच में मिली। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सोमवार को उसे एक ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव लेकर राजस्थान के लिए रवाना हुए। मंगलवार सुबह देसूरी पहुंचने के बाद गमगीन माहौल में कारोबारी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।












































