बाड़मेर पुलिस में बड़ा फेरबदल: 11 थाना प्रभारी बदले, 71 पुलिसकर्मियों के तबादले
बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 9 सीआई, 10 एसआई, 20 एएसआई, 16 हेड कांस्टेबल और 35 कांस्टेबलों के तबादले किए हैं। इस दौरान 8 सीआई और 3 एसआई को विभिन्न थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि कोतवाली, चौहटन, धनाऊ, बिजराड़, सेड़वा और गडरारोड थानों के प्रभारी यथावत रखे गए हैं।



बाड़मेर। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बाड़मेर पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी तबादला आदेशों के तहत 9 सर्किल इंस्पेक्टर (CI) और 10 सब-इंस्पेक्टर (SI) के स्थानांतरण किए गए हैं। इनमें 8 सीआई और 3 एसआई को विभिन्न थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा 20 एएसआई, 16 हेड कांस्टेबल और 35 कांस्टेबलों का भी तबादला किया गया है।

इस फेरबदल के तहत कई थानों में नए थानाधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जबकि कुछ प्रमुख थानों के प्रभारी यथावत रखे गए हैं। पुलिस विभाग का मानना है कि इस बदलाव से पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी।
सबसे प्रमुख बदलावों में डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) प्रभारी आदेश कुमार को गिराब थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं एसआई निंम्बसिंह को जिला विशेष टीम (DST) का नया प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा 8 सीआई और 3 एसआई को अलग-अलग थानों का प्रभार देकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
हालांकि जिले के कुछ महत्वपूर्ण थानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कोतवाली, चौहटन, धनाऊ, बिजराड़, सेड़वा और गडरारोड थानों के थानाधिकारियों को उनके वर्तमान पद पर ही बनाए रखा गया है। इसी तरह कोतवाली थाना प्रभारी मनोज कुमार, गडरारोड थानाधिकारी मुकनदान और रिको थाना प्रभारी चैन प्रकाश का भी तबादला नहीं किया गया।
थाना प्रभारियों के अलावा पुलिस अधीक्षक ने अधीनस्थ स्टाफ में भी व्यापक बदलाव किए हैं। आदेश के अनुसार 20 सहायक उपनिरीक्षक (ASI), 16 हेड कांस्टेबल और 35 कांस्टेबलों का स्थानांतरण किया गया है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द से जल्द नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस महकमे में हुए इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई नियुक्तियों के माध्यम से पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने, अपराध नियंत्रण को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब सभी स्थानांतरित अधिकारी एवं कर्मचारी अपने नए कार्यस्थलों पर जिम्मेदारी संभालेंगे।











































