अलवर: अलाव तापते समय डीजल डालने से टैंक में जोरदार धमाका, 30 वर्षीय युवक गंभीर रूप से झुलसा
अलवर जिले के मालाखेड़ा क्षेत्र के मोडिया गांव में अलाव तापते समय आग तेज करने के लिए डीजल डालने से छोटे टैंक में धमाका हो गया। इससे 30 वर्षीय जगमोहन जांगिड़ गंभीर रूप से झुलस गए, उनका एक हाथ और एक पैर बुरी तरह जल गया। अन्य साथी बाल-बाल बचे। जगमोहन को अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजस्थान के अलवर जिले में सर्दी के मौसम में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव मोडिया में अलाव ताप रहे युवकों के साथ बड़ा हादसा हो गया। आग को तेज करने के लिए डीजल डालते समय छोटे डीजल टैंक में अचानक तेज धमाका हो गया, जिससे 30 वर्षीय जगमोहन जांगिड़ बुरी तरह झुलस गया। हादसे में जगमोहन का एक हाथ और एक पूरा पैर गंभीर रूप से जल गया। सौभाग्य से उनके साथ अलाव ताप रहे अन्य युवक बाल-बाल बच गए।
हादसे का विवरण: मालाखेड़ा पुलिस के अनुसार, घटना गांव मोडिया में हुई। ठंड से बचने के लिए जगमोहन जांगिड़ अपने कुछ साथियों के साथ अलाव ताप रहे थे। अलाव की आंच कम लग रही थी, इसलिए जगमोहन एक छोटे डीजल टैंक में भरा डीजल लेकर आए। आग तेज करने के उद्देश्य से उन्होंने टैंक से डीजल अलाव में डालना शुरू किया। इसी दौरान अचानक टैंक में जोरदार ब्लास्ट हो गया। धमाके की वजह से आग की लपटें तेजी से फैलीं और जगमोहन इनकी चपेट में आ गए। धमाके का कारण संभवतः डीजल के वाष्पशील गुण और अलाव की मौजूदगी में स्पार्क होना बताया जा रहा है। डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ को सीधे आग में डालना बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि इसके वाष्प हवा में मिलकर विस्फोटक मिश्रण बना सकते हैं। यह एक आम गलती है जो ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दियों में अलाव या स्टोव जलाते समय देखने को मिलती है, और इससे कई हादसे हो चुके हैं।
चोटें और इलाज: हादसे में जगमोहन जांगिड़ को गंभीर जलन आई। उनका एक हाथ पूरी तरह और एक पैर बुरी तरह झुलस गया। साथी युवकों ने तुरंत उन्हें बचाया और मालाखेड़ा से अलवर के जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उन्हें तत्काल भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत गंभीर है, लेकिन स्थिर बताई जा रही है। जलन के इलाज में स्किन ग्राफ्टिंग जैसी प्रक्रियाएं भी आवश्यक हो सकती हैं।