राजस्थान के 307 बांध सूखे, फिर भी राहत! बड़े बांधों में 56% पानी, उदयपुर में फिलहाल नहीं होगा जल संकट
राजस्थान के 693 बांधों में कुल क्षमता का 44.22% पानी बचा है। 307 बांध पूरी तरह सूख चुके हैं, लेकिन उदयपुर की फतेहसागर और पिछोला झीलों में 65% से अधिक पानी होने से फिलहाल जल संकट की आशंका नहीं है।
राजस्थान में मानसून के इंतजार के बीच जल संसाधन विभाग की ताजा रिपोर्ट ने राज्य की जल स्थिति की तस्वीर साफ कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के बड़े, मध्यम और छोटे बांधों में कुल क्षमता का 44.22 प्रतिशत पानी शेष है। राहत की बात यह है कि पिछले दो वर्षों की तुलना में जल भंडारण बेहतर बना हुआ है, हालांकि पिछले वर्ष के मुकाबले इसमें हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
उदयपुर संभाग के लिए यह रिपोर्ट खासतौर पर राहत देने वाली है। शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली फतेहसागर और पिछोला झील में अभी भी 65 प्रतिशत से अधिक पानी सुरक्षित है। जलदाय विभाग का मानना है कि मौजूदा जल भंडारण मानसून आने तक शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले मानसी वाकल बांध में भी 60 प्रतिशत से अधिक पानी मौजूद है, जिससे फिलहाल जल कटौती की संभावना नहीं है।
693 बांधों में से 307 पूरी तरह सूखे
जल संसाधन विभाग के अनुसार प्रदेश के 693 बांधों की निगरानी की जा रही है। इनमें से 307 बांध पूरी तरह खाली हो चुके हैं, जबकि केवल 5 बांध पूरी क्षमता के साथ भरे हुए हैं। शेष 381 बांधों में आंशिक जल भंडारण मौजूद है। भीषण गर्मी और बारिश नहीं होने के कारण पिछले 24 घंटों में ही राज्य के बांधों में 11.88 एमसीएम पानी कम हो गया।