बहन की तलाश में छोटी बहन चढ़ी बिजली के खंभे पर डाला फंदा मंत्री जी को बुलाने की लगाई गुहार—प्रशासन ने काट दी गांव की बिजली

सवाई माधोपुर में एक साल से लापता बड़ी बहन की तलाश न होने से व्यथित 12 साल की छोटी बहन बिजली के खंभे पर चढ़ गई और गले में फंदा डालकर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को बुलाने की मांग की। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए गांव की बिजली काट दी और बच्ची को सुरक्षित उतार लिया। पुलिस ने पुराने केस की दोबारा जांच का आश्वासन दिया।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
October 29, 2025 • 6:50 PM  24
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राजस्थान
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बहन की तलाश में छोटी बहन चढ़ी बिजली के खंभे पर डाला फंदा मंत्री जी को बुलाने की लगाई गुहार—प्रशासन ने काट दी गांव की बिजली
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बहन की तलाश में छोटी बहन चढ़ी बिजली के खंभे पर डाला फंदा मंत्री जी को बुलाने की लगाई गुहार—प्रशासन ने काट दी गांव की बिजली

सवाई माधोपुर (राजस्थान), 29 अक्टूबर 2025: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के कुंडेरा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक साल से लापता अपनी बड़ी बहन की तलाश में तड़प रही 12 वर्षीय नाबालिग लड़की ने आज बिजली के ऊंचे खंभे पर चढ़कर गले में फंदा डाल लिया। अपनी जान जोखिम में डालकर वह न केवल बहन की तलाश की मांग कर रही थी, बल्कि जिले के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को मौके पर बुलाने की भी ज़ोरदार गुहार लगा रही थी। इस नाटकीय घटना ने स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया, जिसने तुरंत गांव की पूरी बिजली सप्लाई काट दी ताकि बच्ची को कोई नुकसान न पहुंचे।घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब यह नाबालिग लड़की—जिसका नाम पुलिस ने अभी गोपनीय रखा है—अपने घर से कुछ ही दूरी पर स्थित 33 केवी हाई टेंशन बिजली के खंभे पर चढ़ गई। गले में एक रस्सी का फंदा डालकर वह चीख-चीखकर चिल्ला रही थी, "मेरी बहन को ढूंढो, वरना मैं यहीं जान दे दूंगी! मंत्री जी को बुलाओ, वो ही न्याय करेंगे!" गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, वरना हालात और बिगड़ सकते थे। सूचना मिलते ही कुंडेरा थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एसएचओ (स्टेशन हाउस ऑफिसर) के नेतृत्व में अधिकारी बच्ची को समझाने की कोशिश करने लगे, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही।प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग को निर्देश दिया और पूरे गांव की बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से बंद करवा दी। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि हाई टेंशन लाइन के संपर्क में आने से कोई दुर्घटना न हो। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद, पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर बच्ची को खंभे से उतारा। फिलहाल, वह सुरक्षित है और थाने में पूछताछ के लिए ले जाई गई है। बच्ची के पिता ने बताया कि यह कदम परिवार की बेबसी का नतीजा है।

 लापता बहन का मामला: एक साल से अधर में लटका केस

परिवार के अनुसार, लापता लड़की—जो कक्षा 8वीं की छात्रा थी—पिछले साल अक्टूबर (2024) के आसपास घर से गायब हो गई थी। शुरुआती जांच में संदेह जताया गया कि वह किसी रिश्तेदार के पास चली गई हो, लेकिन उसके बाद कोई सुराग नहीं मिला। परिवार ने कुंडेरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पिता ने शिकायत की कि रिपोर्ट के बावजूद जांच एजेंसी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे परिवार में हताशा बढ़ती गई। "हमारी बेटी की उम्र महज 14-15 साल थी, वह पढ़ाई में होशियार थी। एक साल बीत गया, लेकिन पुलिस ने सिर्फ कागजों पर ही केस लंबा खींचा," पिता ने आंसू पोछते हुए कहा। इस घटना के पीछे एक और वजह सामने आ रही है—गांव में एक पुराना रास्ते का विवाद। परिवार का आरोप है कि पड़ोसियों के साथ रास्ते को लेकर चल रहे झगड़े ने भी घर का माहौल खराब कर दिया था, जो लापता होने के बाद और गहरा गया। बच्ची ने खंभे पर चढ़ते हुए इसी विवाद का भी ज़िक्र किया, लेकिन मुख्य मांग बहन की तलाश और मंत्री से मुलाकात की रही। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, जो स्थानीय विधायक भी हैं, जिले में सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। बच्ची का मानना था कि केवल वे ही इस मामले में न्याय दिला सकते हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया: जांच तेज, आश्वासन दिए 

पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए लापता लड़की की तलाश के लिए विशेष टीम गठित करने का आश्वासन दिया है। एसपी (सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) सवाई माधोपुर ने बताया, "हम बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और पुराने केस की फाइल दोबारा खोलकर तुरंत जांच शुरू कर देंगे। रास्ते के विवाद को भी सुलझाने के लिए तहसीलदार को निर्देश दे दिए गए हैं।" बिजली विभाग ने भी गांव की सप्लाई बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना जिले की महिलाओं और बच्चों के प्रति उदासीनता को उजागर करती है। "एक छोटी बच्ची को इतना कष्ट सहना पड़े, यह शर्मनाक है। सरकार को ऐसे मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट लगाने चाहिए," एक बुजुर्ग ने कहा। यह घटना न केवल परिवार की पीड़ा को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में पुलिस की लापरवाही और न्याय की कमी को भी आईना दिखाती है। उम्मीद है कि बच्ची की यह गुहार व्यर्थ न जाए और लापता बहन जल्द सुरक्षित मिले।

 

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